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स्ट्रक्चर में खामी की वजह से हुआ जाखू रोप-वे हादसा

Tue, 19 Jan 2016 01:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 19 Jan 2016 01:15 PM IST
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Jakhu Ropeway Accident

जाखू रोप-वे हादसा स्ट्रक्चर में खामियों की वजह से हुआ। ट्रायल के दौरान रोपवे से केबिन गिर गई थी। हादसे की जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। जाखू रोप-वे के अपर टर्मिनल और लोअर टर्मिनल के बीच ट्रायल के दौरान रोप का पेड़ों की टहनियों के बीच से होकर गुजरना भी हादसे का कारण बना।

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हादसे के कारणों की जांच के लिए गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब यह रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए सरकार की ओर से गठित एक्सपर्ट कमेटी को सौंपी जाएगी। 24 दिसंबर को ट्रायल के दौरान रोप टावर से उतरने के कारण एक ट्राली रोप-वे से छूटकर लोअर टर्मिनल के पास एक मकान पर गिर गई थी। तीन अन्य ट्रालियां पेड़ों में अटक कर मकान पर झूल गईं थीं।
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घटना के बाद प्रदेश सरकार ने जाखू रोप-वे के निर्माणकार्य पर रोक लगा दी थी। हादसे की जांच रिपोर्ट आने के बाद अब रोप-वे के निर्माणकार्य पर लगी रोक हटेगी या नहीं यह फैसला प्रदेश सरकार लेगी। ट्रायल के दौरान हुए हादसे से पहले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दिसंबर 2015 में जाखू रोप-वे शुरू करने का एलान किया था।
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बीएस नेगी इंस्पेक्टर, रोप-वे ने बताया कि जाखू रोप-वे हादसे की जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। रिपोर्ट प्रदेश सरकार की ओर से गठित एक्सपर्ट कमेटी को भेजी जा रही है। एक्सपर्ट कमेटी के सुझावों पर अग्रिम कार्रवाई होगी।

कंपनी की कमेटी ने भी किया दौरा- रोप-वे के ट्रायल के दौरान केबिन गिरने की घटना की जांच के लिए जैक्सन कंपनी की ओर से गठित एक्सपर्ट कमेटी ने बीते सप्ताह जाखू रोप-वे का दौरा कर विस्तृत सर्वे किया।

प्रारंभिक जांच में लोड फैक्टर को घटना का कारण माना जा रहा है। जैक्सन कंपनी अब देहरादून में रोप-वे का काम कर रही एक अन्य कंपनी के इंजीनियरों को भी इंस्पेक्शन के लिए शिमला बुलाने की योजना बना रही है।

प्रशासन की अनुमति पर होगा ट्रायल-
जाखू रोप-वे का ट्रायल करने से पहले अब रोप-वे का निर्माण कर रही कंपनी को जिला प्रशासन की अनुमति लेनी होगी। जिला प्रशासन ने रोप-वे का निर्माण कर रही कंपनी को ट्रायल से पहले प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ट्रायल के दौरान कोई अप्रिय घटना न घटे इसके लिए भी कंपनी को पुख्ता बंदोबस्त करने होंगे।


हादसे में क्षतिग्रस्त हो गया था केबिन-
ट्रायल के दौरान रोप-वे का एक केबिन मकान पर गिर गया था जिससे केबिन को भारी नुकसान पहुंचा था। फ्रेम के इर्दगिर्द लगे ग्लास क्षतिग्रस्त हुए थे और केबिन के बाहर का ग्लास टूट गया था। भीतर का ग्लास खिसक कर केबिन के अंदर चला गया था। हालांकि इसमें कोई जानी नुक्सान नहीं हुआ था लेकिन फिर जांच शुरू की थी।

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