फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Jairam Thakur said Congress Govt crores are being spent on ministers offices no money for education

Jairam Thakur: नेता प्रतिपक्ष बोले- मंत्रियों के ऑफिस पर हो रहे करोड़ों खर्च, शिक्षा के लिए पैसा नहीं

Mon, 19 Aug 2024 08:56 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Mon, 19 Aug 2024 08:56 PM IST
सार

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार के पास पैसा सिर्फ स्कूल और अस्पताल चलाने के लिए नहीं हैं मित्रों के लिए है। 
 

विज्ञापन
Jairam Thakur said Congress Govt crores are being spent on ministers offices no money for education
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर/मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार अपने मंत्रियों के लिए करोड़ों रुपये का ऑफिस बना सकती है। असंवैधानिक रूप से सीपीएस की नियुक्तियां करके करोड़ों उन पड़े खर्च कर सकती है, लेकिन बच्चों की शिक्षा देने वाले स्कूल नहीं चला सकती है। सरकार के द्वार स्कूल बंद करने के फैसले की वजह से आज लाहौल की बड़ी आबादी सड़कों पर हैं और सरकार से गुजारिश कर रही है कि ऐसे फैसले लेने के पहले विवेक का इस्तेमाल करे। अगर एनरोलमेंट शून्य है तो सरकार को उन कारणों पर बात करनी चाहिए, उसका पता लगाना चाहिए, हर स्तर पर जवाबदेही तय करनी चाहिए, लेकिन सरकार को सिर्फ बंद करने में ही आनंद आ रहा है।

विज्ञापन


नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि लाहौल जैसी जगह में गांवों की आबादी क्या है? एक गांव से दूसरे गांवों के बीच दूरी क्या है? वहां तक स्कूली बच्चे कैसे पहुंचेगे? सरकार ने एक बार भी इन पहलुओं पर गौर नहीं किया। एक बार भी एक अभिभावक की तरह नहीं सोचा कि इस तुगलकी फैसले का लोगों पर क्या असर पड़ेगा? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जिस तरह से काम कर रहे हैं और सरकार चला रहे हैं, लोकतंत्र में इस तरह से सरकारें नहीं चलती हैं। सरकार का मुखिया सबको लेकर चलने वाला होता है तानाशाह नहीं। जो भी मन में आया उसे बंद कर दे। सिर्फ लाहौल ही नहीं डिनोटिफाई किए गए ज्यादातर स्कूलों का यही हाल है। जिन स्कूलों से बच्चों को दूसरे स्कूलों शिफ्ट किया जा रहा है क्या वह उन छोटे बच्चों के किए आसान है? वहां वह कैसे पहुंचेंगे? सरकार को इस बारे में ज़रूर सोचना चाहिए।
विज्ञापन


जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार का काम आखिरी छोर तक सुविधाएं पहुंचाना है, लेकिन सरकार का सारा ध्यान अपने मंत्रिमंडल के लोगों को खुश करने, उन्हें सुविधाएं प्रदान करने में हैं। एक तरफ सरकार कह रही है कि बजट नहीं हैं दूसरी तरफ करोड़ों रुपये खर्च करके मंत्रियों और सीपीएस के दफ्तर बनाए जा रहे हैं। इसका यही मतलब है कि सरकार के पास पैसा सिर्फ स्कूल और अस्पताल चलाने के लिए नहीं हैं मित्रों के लिए है। मुख्यमंत्री को मैं याद दिलाना चाहता हूं कि बदलाव की शुरुआत स्वयं से करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूल बंद करने के अपने फैसले से प्रभावित हो रहे छात्रों और उनके अभिभावकों का ख़्याल रखते हुए अपने फैसले पर पुनर्विचार करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

'आईजीएमसी हॉस्टल प्रकरण में हुई सुरक्षा चूक, जिम्मेदारी ले सरकार'
जयराम ठाकुर ने आईजीएमसी हॉस्टल में हुए हादसे में पर कहा कि इस पूरे मामले में सुरक्षा चूक हुई है। इसमें सरकार और प्रशासन की लापरवाही है साफ़ है, सरकार को इस हादसे की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। आईजीएमसी की सुरक्षा का जिम्मा भी कांग्रेस के एक नेता के पास है। सरकार इस मामले में हुई सुरक्षा की समीक्षा करे और छात्रावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। जिससे इस तरह की घटना भविष्य में दोबारा न होने पाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed