हिमाचल विस सत्रः इस मामले पर श्वेत पत्र जारी करेगी जयराम सरकार
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जयराम सरकार पूर्व सरकार के समय हुई इस खरीद पर श्वेत पत्र जारी करेगी। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) में पूर्व सरकार के कार्यकाल में हुई खरीद पर जयराम सरकार श्वेत पत्र जारी करेगी।
प्रश्नकाल के दौरान बस खरीद के मुद्दे पर हुई बहस के बाद परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने इसका एलान किया। बिना डिमांड 2100 बसें और अनुमति के बिना नौ मीटर लंबी बसें खरीदने की जांच होगी। मंत्री ने सदन को अवगत करवाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने जरूरत से ज्यादा बसें खरीद लीं।
12 मीटर लंबी बसों को भी खरीदा गया। पर्यटन स्थलों के लिए लग्जरी क्लास की वोल्वो बसों को हटाकर वैट लीजिंग पर चलाकर निजी ऑपरेटरों को फायदा देने का घालमेल किया गया। तमाम खरीद फरोख्त और वैट लीजिंग पर सरकार अब पड़ताल कर श्वेत पत्र जारी करेगी।
वैट लीजिंग की 300 बसें खड़ी
मंत्री ने बताया कि बिना डिमांड की खरीद से वर्ष 2012-13 में निगम की आय 230 रुपये प्रति किलोमीटर से घटकर 190 रुपये हो गई है। मंत्री ने यह जानकारी विधायक होशियार सिंह, अरुण कुमार, मुकेश अग्निहोत्री, आशा कुमारी और राकेश पठानिया की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी।
परिवहन मंत्री ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूअल मिशन के तहत 791 बसें मिली हैं जिनमें से 300 सड़कों पर खड़ी हैं। इन बसों को चलाने के लिए निगम ने जो कलस्टर तैयार किए थे, इसे प्राइवेट बस
ऑपरेटरों ने कोर्ट में चुनौती दी जिस कारण ये सड़कों पर खड़ी हो गईं। उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देशानुसार सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है। 30 दिन के भीतर जनता से इसके लिए सुझाव मांगे गए हैं।
डीपीआर में बरती अनियमितता
जेएनएनयूआरएम की बस खरीद के लिए तैयार की गई डीपीआर में भारी अनियमितताओं की बात मंत्री ने स्वीकारी। पूर्व सरकार के समय जब धर्मशाला में बजट सत्र के दौरान 12 और 9 सीटों वाली लो-फ्लोर बसों को दिखाने के लिए लाया गया तो उस समय इस पर विधायक दल ने आपत्ति जताई थी।
छोटी वैट लीजिंग से हुआ 8.18 करोड़ का नुकसान
फायदे वाले रूटों पर प्राइवेट ऑपरेटरों की छोटी वोल्वो बसे चलाने से निगम को 8.18 करोड़ का नुकसान हुआ। मंत्री ने बताया कि 45 वोल्वो बसें निगम ने खरीदीं जबकि 52 वैट लीजिंग पर लेकर मुनाफे वाले रूटों पर दौड़ाया गया। वित्त विभाग की अनुमति से 25 और बसों की खरीद की गई।
एग्रीमेंट में बदलाव की जरूरत
एचआरटीसी के पास 3222 बसें हैं। इसमें 3103 सामान्य, एसी और अपनी वोल्वो, 25 इलेक्ट्रिक और 97 वैट लीजिंग बसें हैं। मंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार के निजी ऑपरेटरों के साथ वैट लिजिंग बसों के घाटे को लेकर किए एग्रीमेंट में बदलाव करने की आवश्यकता है।
घाटे वाले रूटों पर बंद होंगी मिनी बसें
मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि जो मिनी बसें घाटे पर हैं, उनकी मानीटरिंग की जा रही है। यदि सरकार को लगता है कि किसी बस का घाटा लगातार बढ़ रहा है तो उसे बंद करने पर विचार किया जा सकता है।