बस खरीद घोटाला मामले की जांच कराएगी जयराम सरकार
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पिछली वीरभद्र सरकार के दौरान जेएनएनयूआरएम के तहत बसों की खरीद में कथित घोटाले की जयराम सरकार जांच कराएगी। मंगलवार को विधानसभा के शीत सत्र के दूसरे दिन नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया के सवाल के जवाब में परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने यह बात कही।
गोविंद ने सदन में एलान किया कि सरकार अगले विधानसभा सत्र में स्थिति स्पष्ट करने के लिए इस संबंध में श्वेत पत्र भी लाएगी। इससे पहले सत्र के दूसरे दिन भी नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री सरकार पर हमलावर रहे।
उनकी विधायक राकेश पठानिया से तीखी नोंक-झोंक भी हुई। वहीं, स्वां चैनलाइजेशन पर पूछे सवाल पर मंत्री के जवाब से भी वह असंतुष्ट दिखे।मंगलवार को भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तल्खी दिखी। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने स्वां चैनलाइजेशन से संबंधित सवाल पूछा।
फॉलोअप नहीं किया इसलिए नहीं आया पैसा
आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने जवाब दिया, लेकिन मुकेश ने असंतोष जाहिर किया। आरोप लगाया कि मंत्री पूछे गए सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय उसे तोड़मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने अनुराग ठाकुर का नाम लिए बिना चैनलाइजेशन के लिए केंद्र से बजट जारी न होने देने का आरोप लगाया। कहा कि हमीरपुर सांसद ने केंद्रीय मंत्री से मिलकर बजट को रुकवा दिया था।
मुकेश के इस बड़े आरोप पर सरकार की ओर से जवाब न आता देख राकेश पठानिया ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने मुकेश के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए सुबूत लाने की बात कह दी। इसके बाद आईपीएच मंत्री महेंद्र ठाकुर ने भी गलत आरोप लगाने की बात कही।
विवाद के बीच मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी मुकेश का आरोप खारिज किया। सीएम ने कहा कि केंद्र से पत्राचार कर बजट नहीं लाया जा सकता। इसके लिए व्यक्तिगत रूप से अफसरों और सरकार को प्रयास करने पड़ते हैं। पिछली सरकार ने यह प्रयास नहीं किए।
धुर विरोधी ने ही किया सदन में बचाव
वर्तमान सरकार ने प्रयास किए, लेकिन विपक्ष ने इसे सैर-सपाटे का नाम देने का काम किया था। यूं तो धूमल-अनुराग से विधायक राकेश पठानिया की अनबन जगजाहिर है, लेकिन मंगलवार को जब भरे सदन में मुकेश अग्निहोत्री ने स्वां चैनलाइजेशन का केंद्र से बजट रुकवाने के लिए हमीरपुर सांसद
अनुराग ठाकुर पर आरोप लगाया तो राकेश ही ढाल बनकर सामने आए। उन्होंने न सिर्फ मुकेश के इस आरोप पर कड़ी आपत्ति जताई, बल्कि बेबुनियाद बताते हुए आरोप का सुबूत भी मांगा। इसी दौरान दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मध्यस्थता कर मामला शांत कराया।