हिमाचल में कृषि आयोग गठित करने की तैयारी में जयराम सरकार
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सरकार हिमाचल में कृषि आयोग गठित करने की तैयारी कर रही है। बाकायदा, इसको लेकर अफसरों से भी विचार-विमर्श किया गया है। अब कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने जा रहे हैं।
मंत्री ने यह जानकारी किसान यूनियन के साथ आयोजित बैठक में दी। उन्होंने कहा कि कहा कि मंडी में मक्की पर आधारित उद्योग, सोलन में टमाटर उद्योग और कांगड़ा में चिप्स पर आधारित उद्योग लगाने पर विचार किया जा रहा है।
उद्योग लगने के बाद राज्य के हजारों किसानों को लाभ पहुंचेगा। किसान यूनियन ने बैठक में बेसहारा पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान का मुद्दा भी उठाया। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस समस्या को दूर करने के लिए में लगी है।
फेंसिंग लगाने के लिए 80 प्रतिशत अनुदान
किसानों को सोलर फेंसिंग लगाने के लिए 80 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। ताकि उनकी फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से छुटकारा मिल सके। कृषि मंत्री ने किसानों को अपनी समस्याओं के बारे में सीधे सरकार को अवगत कराने को कहा।
बैठक में यूनियन ने 29 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। राम लाल मारकंडा ने गंभीरतापूर्वक सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इससे पहले हिमाचल किसान यूनियन के महासचिव सीता राम वर्मा ने बैठक में कृषि मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा का स्वागत किया।
यूनियन के अध्यक्ष सुंका राम ठाकुर ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। बैठक में कृषि विभाग निदेशक देसराज शर्मा, विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और हिमाचल किसान यूनियन के 11 जिलों से आए प्रतिनिधि शामिल हुए।