सिपहिया ने नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया को लेकर किया बड़ा खुलासा
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केसीसीबी (कांगड़ा केंद्रीय सहकारी समिति बैंक) के पूर्व चेयरमैन जगदीश सिपहिया ने नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया पर बैंक के पैसे दबाकर रखने का आरोप लगाया है। वीरवार को धर्मशाला में प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि विधायक का पांच करोड़ का ऋण एनपीए में चल रहा था, जिसे उन्होंने चेयरमैन बनते ही निकलवाया।
विधानसभा में तथ्यहीन और गलत आंकड़े पेश कर बैंक पर अंगुली उठाने वाले राकेश पठानिया ने भी फोन करके उन्हें उनका ऋण स्वीकृत करने को कहा था। बैंक को लेकर पठानिया के गलत तथ्यों का जवाब विधानसभा के अगले सत्र में कांग्रेस विधायक देंगे।उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने एमडी के साथ मिलकर षड्यंत्र रचकर बैंक के बोर्ड को भंग करवाया है।
एमडी के साथ षड्यंत्र रच भंग कराया बोर्ड
राजनीतिक द्वेष के चलते बोर्ड पर 16 आरोप लगाकर उसे भंग किया गया। इसमें जांच खुद बैंक के एमडी ने की। पंजीयक सहकारी सभाएं ने इस पर कार्रवाई की। दोनों अफसर बैंक के बोर्ड में शामिल हैं। ऐसे में न एमडी जांच कर सकता है और न ही पंजीयक सहकारी सभाएं कार्रवाई कर सकता है।
सरकार के गलत फैसले के खिलाफ बोर्ड के सदस्य रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसाइटी के समक्ष रखेंगे। कोई निष्पक्ष फैसला न आने पर सचिव और बाद में मुख्यमंत्री के समक्ष भी वे बात रखेंगे। फिर भी इस पर निष्पक्ष फैसला नहीं आता तो सरकार के फैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे।
पूर्व चेयरमैन ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार केसीसी बैंक में अपना चेयरमैन बनाने और एमडी अपनी नौकरी बचाने के लिए सरकार को गुमराह कर रहे हैं। कहा कि उन्होंने बैंक के वाहन के दुरुपयोग और एचआरए के संबंध में लगाए जा रहे आरोपों की सरकार जांच करवा सकती है। मामले में मेरे से पहले रहे बैंक के अध्यक्षों की भी इस संबंध में जांच हो।