Jagannath Rath Yatra 2024: हिमाचल में जय जगन्नाथ की गूंज, सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के नाहन में भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। पिछले 16 सालों से नाहन शहर में लगातार रथ यात्रा निकाली जा रही है।
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नाहन शहर में रविवार को भ्रमण पर निकले भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा धार्मिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की गवाह बनी। ऐतिहासिक चौगान मैदान से यात्रा पक्का टैंक से आगे पहुंचते ही मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रथयात्रा का जोरदार स्वागत किया। यहां भगवान जगन्नाथ को फलों का प्रसाद भी भेंट किया गया। इस दौरान अंजुमन इस्लामिया सोसायटी नाहन के प्रधान बॉबी अहमद ने भगवान जगन्नाथ के जयकारे भी लगाए। यहां घंटों मुस्लिम समुदाय के लोग रथयात्रा के स्वागत के लिए जुटे थे।
भगवान को प्रसाद चढ़ाने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भगवान जगन्नाथ के रथ को भी खींचा। यहां अंजुमन इस्लामिया सोसायटी के प्रधान बॉबी अहमद, मुस्लिम सोसायटी नाहन के अध्यक्ष कैप्टन सलीम अहमद समेत मुस्लिम नवयुवक सोसायटी के कई पदाधिकारी व सदस्य स्वागत के लिए मौजूद रहे। इसके बाद कच्चा टैंक स्थित जामा मस्जिद के समीप भी रथयात्रा का स्वागत किया गया।
अंजुमन इस्लामिया सोसायटी के प्रधान बॉबी अहमद और कैप्टन सलीम अहमद ने बताया कि ये काफी मुबारिक दिन है। उन्होंने कहा कि हर साल समुदाय के लोग रथयात्रा का हिस्सा बनते आए हैं। नाहन शहर सदियों से आपसी भाईचारे का संदेश देता आया है। यहां सभी समुदाय के लोग एक दूसरे के धार्मिक समेत अन्य आयोजनों में एक साथ शिरकत करते आ रहे हैं। वहीं, भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा मंडल नाहन के अध्यक्ष प्रकाश बंसल ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को टोपी पहनाकर सम्मान दिया।
पालकियों का सिख समुदाय ने किया स्वागत
नाहन के बड़ा चौक स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से रवाना हुई भगवान जगन्नाथ की पालकी का नाहन गुरुद्वारा के समीप सिख समुदाय के लोगों ने स्वागत किया। इस दौरान गुरुद्वारा श्री दशमेश अस्थान नाहन के पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा यात्रा में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लगभग सभी धर्मों के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
भगवान जगन्नाथ का रथ
भगवान जगन्नाथ के रथ को नंदीघोष अथवा गरुड़ध्वज कहा जाता है, इनका रथ लाल और पीले रंग का होता है। रथ हमेशा नीम की लकड़ी से बनाया जाता है। हर साल बनने वाले ये रथ एक समान ऊंचाई के ही बनाए जाते हैं। भगवान जगन्नाथ का रथ 44 फीट 2 इंच ऊंचा होता है। इस रथ में कुल 16 पहिए होते हैं। रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ का रथ सबसे आखिरी में चलता है।
रथ का नाम- नंदीघोष
ध्वज का नाम- त्रैलोक्यमोहिनी
ऊंचाई- 44 फीट 2 इंच
पहियों की संख्या- 16
संरक्षक- गरुड़
सारथी- दारुका
घोड़ों के नाम (सफेद)- शंख, बलाहक, सुवेता, दहिदाश्व
रथ की रस्सी का नाम- शंखचूड़ नागिनी
साथी देवता- मदनमोहन
रथ खींचने में मिलने वाला फल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो व्यक्ति रथ यात्रा में शामिल होकर स्वामी जगन्नाथजी के नाम का कीर्तन करता हुआ गुंडीचा नगर तक जाता है वह सारे कष्टों से मुक्त हो जाता है, जबकि जो व्यक्ति जगन्नाथ को प्रणाम करते हुए मार्ग के धूल-कीचड़ आदि में लोट-लोट कर जाता है वो सीधे भगवान विष्णु के उत्तम धाम को प्राप्त होता है।