इस बार आसानी से नहीं बिकेंगे इटली से आए सेब के पौधे
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नौणी विवि में इटली से आए सेब के पौधे इस बार आसानी से नहीं बिकेंगे। सभी पौधों पर लाल टैग लगाया जाएगा। इनमें जिन पौधों को विशेषज्ञ सही करार देंगे, उन्हें ही बागवानों तक पहुंचाया जाएगा।
अन्य नष्ट कर दिए जाएंगे। बागवानों को बड़े नुकसान से बचाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। नौणी विवि में इटली के नाम पर तैयार हो रहे पौधे फल देने ही हालत में नहीं हैं। जो बागवान इनकी खरीद करेंगे, उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इसके लिए मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने विवि प्रबंधन को इटली के पौधों को लाल निशान लगाने की सलाह दी है। नौणी विवि की नर्सरी में इटली से आयात किए करीब एक लाख पौधे रोपे गए हैं।
इनमें 50 हजार पौधे सूखने की वजह से बर्बाद हो गए हैं। अब भी नर्सरी में सेब पौधे उगाए जा रहे हैं। विशेषज्ञ ये पौधे दो से तीन साल पुराने होने की बात कह चुके हैं। नौणी विवि में हर साल कई प्रजातियों के पौधे रोपे जाते हैं।
पौधों पर लगेगा लाल निशान : महेंद्र सिंह
इन्हें तैयार होने पर प्रदेश के बागवानों को बांटा जाता है। विवि से बाहर आने वाले पौधे को उच्च गुणवत्ता का माना जाता है। इटली के नाम पर बेचे जाते रहे सेब पौधे 400 रुपये तक बिक्री किए गए हैं, लेकिन बागवानों को इनसे खास फायदा नहीं हुआ है।
बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि नौणी विवि में तैयार हो रहे इटली के पौधों को लाल निशान लगाया जाना चाहिए। जो पौधे टिकने लायक नहीं हैं, उन्हें विवि प्रबंधन तत्काल हटा दे।
किसी भी बागवान को मृत पौधा वितरित नहीं किया जाना चाहिए। यदि ऐसे पौधे बेचने की कोई शिकायत आती है तो सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।