लोकसभा चुनाव: प्रत्याशी को महंगा पड़ेगा स्टार प्रचारक की गाड़ी में बैठना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी के उम्मीदवार को स्टार प्रचारक की गाड़ी में बैठना महंगा पड़ सकता है। प्रचार के दौरान चुनाव आयोग की इस पर पैनी नजर रहेगी। उम्मीदवार प्रचार के दौरान स्टार प्रचारक की गाड़ी में बैठा तो वाहन का 50 फीसदी खर्च उनके खाते में जुड़ जाएगा।
एक से ज्यादा उम्मीदवार स्टार प्रचारक की गाड़ी में बैठे तो सभी में 50 फीसदी खर्च बंटेगा। हालांकि, रैली में पानी पिलाने का हिसाब निर्वाचन आयोग नहीं मांगेगा। मंगलवार को उपायुक्त कांगड़ा संदीप कुमार ने राजनीतिक दलों के साथ चुनाव खर्च पर बैठक की।
बताया गया कि उम्मीदवार को अलग से बैंक खाता खोलना होगा। यह खाता परिवार या किसी भी रिश्तेदार के साथ संयुक्त नहीं हो सकता है। इस खाते का पूरा लेखा-जोखा उम्मीदवार को रखना होगा।
उम्मीदवार किसी भी व्यक्ति को केवल दस हजार रुपये तक भुगतान कैश में कर सकता है जबकि शेष भुगतान ऑनलाइन करना पड़ेगा। चुनावी रैली में मफलर और टोपी पर उम्मीदवार का फोटो लगाने पर इसका खर्च उम्मीदवार के खाते में चढ़ेगा।
पार्टी का चिह्न होने पर पार्टी खर्चे में इसे शामिल किया जाएगा। चुनावों के दौरान चुनाव आयोग की शादी-विवाह, धार्मिक समारोहों और सामुदायिक भवनों पर ज्यादा नजर रहेगी।
22 अप्रैल तक पार्टी के खाते में जुड़ेगा खर्च
10 मार्च से 22 अप्रैल तक हिमाचल में चुनावों पर होने वाला खर्च पार्टी के खाते में जाएगा जबकि चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद यह खर्च पार्टी प्रत्याशी के खाते में जाएगा। चुनाव प्रचार के लिए स्टार प्रचारक का खर्च भी पार्टी ही करेगी। स्टार प्रचारक को अपने खर्चे के लिए एक लाख रुपये तक कैश अपने साथ रखने की अनुमति रहेगी।
उम्मीदवार की अनुमति के बिना सोशल मीडिया में प्रचार पर दर्ज होगा केस
पार्टी और उम्मीदवार के लिए सोशल मीडिया में प्रचार करने वाले लोगों पर चुनाव आयोग की नजर रहेगी। चुनाव प्रचार में लगी टीम और सोशल मीडिया में विज्ञापन पर आने वाला खर्च चुनावी खर्चे में जोड़ा जाएगा। पार्टी उम्मीदवार की बिना अनुमति के सोशल मीडिया में प्रचार करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होगा।