हिमाचल में दवा और बिजली प्रोजेक्टों में होगा निवेश
राजधानी में आयोजित दो दिवसीय इनवेस्टर मीट के अंतिम दिन भी कई कंपनियों ने हिमाचल में बड़े पैमाने पर निवेश में दिलचस्पी जताई। राज्य में सौर ऊर्जा प्लांट, दवा कारखानों और फूड पार्क की स्थापना के कई प्रस्ताव आए। ग्रीन मंत्र औद्योगिक घराने ने सौर ऊर्जा से संबंधित उद्योगों में बड़े निवेश की इच्छा जताई है। नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में भी निवेश के प्रस्ताव आए हैं।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के शिमला लौट जाने के बाद इनवेस्टर मीट के दूसरे दिन राज्य के उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने निवेशकों से विचार विमर्श किया। उन्होंने बताया कि इनवेस्टर मीट विभिन्न क्षेत्रों के छोटे-बड़े उद्योगपतियों के लिए सार्थक मंच उपलब्ध कराने में सफल रहा है। राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया है। इस क्रम में 2018 तक बिजली की दरें फ्रीज कर दी गई हैं।
केंद्र सरकार से औद्योगिक पैकेज देने की मांग
इनवेस्टर मीट के दूसरे दिन कई देशी-विदेशी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर ड्रग्स के उत्पादन इकाईयों की स्थापना में रुचि दिखाई है। इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावना है। एयरो एयरक्राफ्ट ने शिमला से दिल्ली के बीच उड़ान सेवा और उबर इंडिया ने टैक्सी चलाने का प्रस्ताव रखा है। हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट, फिल्म उद्योग से संबंधित निवेश और फूड पार्क की स्थापना के लिए भी कई कंपनियों ने उद्योग मंत्री और अधिकारियों से बातचीत की।
उद्योग मंत्री अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार से हिमाचल को फिर से औद्योगिक पैकेज देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पैकेज से प्रदेश में और अधिक उद्योग आकर्षित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने स्तर पर कई रियायतें दे रही है। प्रदेश में बिजली सरप्लस है और नदियों का जल हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के अलावा पानी आधारित अन्य उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराते हैं।
नए टाउनशिप विकास पर विशेष ध्यान: वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार स्थापित अधोसंरचना विकास में निजी निवेश के माध्यम से और संवर्द्धन सुनिश्चित बनाकर नए टाउनशिप विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इस क्षेत्र के स्थापित निवेशकों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। राज्य में प्रदूषणमुक्त एवं पर्यावरण मित्र विशेष उद्योगों जैसे सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए
विशेष तौर पर कुछ परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश में ऐसी इकाइयों को बढ़ावा दिया जाए, जो सॉफ्टवेयर एवं सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित हों। मुख्यमंत्री सोमवार शाम को दिल्ली में ‘इमर्जिंग हिमाचल इनवेस्टर मीट’ को संबोधित कर रहे थे।
देश भर के 400 से अधिक निवेशकों ने लिया भाग
इसमें एनसीआर और देश भर के 400 से अधिक निवेशकों ने भाग लिया। प्रदेश सरकार और सीआईआई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘इमर्जिंग हिमाचल इनवेस्टर मीट’ का उद्देश्य हिमाचल को पसंदीदा निवेशक स्थल के रूप में बढ़ावा देना है। सरकार ने मध्यम, बड़े स्तर की औद्योगिक परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए सरल प्रक्रिया को पहले ही अपनाया है। इसे ऑनलाइन भी किया है।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने बड़े औद्योगिक घरानों से व्यक्तिगत तौर पर बैठकें कीं। उनके समक्ष हिमाचल में बेहतर निवेश स्थल का मजबूत पक्ष रखा। कहा कि वर्तमान उदारीकरण के इस दौर, केंद्र और राज्य स्तर पर विभिन्न सुधारों के परिणामस्वरूप विश्व एक वैश्विक गांव के रूप में बदला है। आर्थिक परिप्रेक्ष्य में आए बदलाव के कारण देश में उद्योगों एवं उद्यमिता में भी भारी बदलाव आया है।
आज चंबा के दौरे पर जाएंगे मुख्यमंत्री
सीबीआई की कार्रवाई के बाद पहली बार दिल्ली गए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे शिमला वापस लौटे। अनाडेल में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद मुख्यमंत्री सीधे सचिवालय गए। शाम तक मुख्यमंत्री ने कई अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री रविवार को दिल्ली में हिमाचल की दूसरे चरण की इनवेस्टर मीट में शामिल होने के लिए गए थे।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने दिल्ली में कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की। उधर, बुधवार को मुख्यमंत्री जिला चंबा के दो दिवसीय दौरे पर होंगे। चंबा से मुख्यमंत्री हमीरपुर जाएंगे। 11 अक्तूबर को मुख्यमंत्री का शिमला वापस लौटने का प्रोग्राम है।