छात्रवृत्ति घोटाले में मनी लांड्रिंग की भी जांच शुरू, ईडी ने तलब किया रिकॉर्ड
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करीब 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में अब मनी लांड्रिंग की जांच भी शुरू हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिक्षा विभाग से मामले से संबंधित सारा रिकॉर्ड तलब किया है। कई निजी शिक्षण संस्थानों के काले धन को सफेद करने की आशंका के चलते ईडी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
उधर उच्च शिक्षा निदेशालय ने ईडी को रिकॉर्ड देने के लिए सीबीआई को पत्र लिख कर अनुमति मांगी है। हिमाचल समेत कई अन्य राज्यों के निजी शिक्षण संस्थानों पर सूबे के एससी/एसटी और ओबीसी वर्ग के हजारों विद्यार्थियों के नाम पर फर्जी एडमिशन दिखाकर छात्रवृत्ति के करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप है।
प्रदेश सरकार की सिफारिश पर सीबीआई छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही है। सीबीआई के साथ-साथ अब प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस मामले में जांच बैठा दी है।
करोड़ों की राशि हड़पने वाले निजी शिक्षण संस्थानों ने यह पैसा कैसे ठिकाने लगाया, फर्जी दिखाई गई एडमिशन पर कितना पैसा खर्च किया और शिक्षण संस्थानों के नाम पर लिए गए ऋण का भुगतान किस तरह किया गया? प्रवर्तन निदेशालय इन सवालों के जवाब ढूंढ रहा है।
सीबीआई ने शुरू की जब्त रिकॉर्ड की छंटनी
बीते दिनों उच्च शिक्षा निदेशालय को लिखे पत्र में ईडी ने छात्रवृत्ति घोटाले से संबंधित रिकॉर्ड देने को कहा है। बुधवार को निदेशालय ने सीबीआई को पत्र लिखकर ईडी को रिकॉर्ड देने के लिए अनुमति मांगी है। सीबीआई से मंजूरी मिलते ही निदेशालय ईडी को रिकॉर्ड सौंप देगा।
बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में जुटी सीबीआई ने मंगलवार को निजी शिक्षण संस्थानों के जब्त रिकॉर्ड की छंटनी करना शुरू कर दिया है। बुधवार को जिलों के दौरे पर गई सीबीआई टीमें दोपहर बाद शिमला लौटी।
शिमला आफिस पहुंचते ही सीबीआई टीमों ने रिकॉर्ड की छंटनी का काम शुरू किया। वीरवार को भी छंटनी का काम जारी रहने की संभावना है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में कुछ और निजी शिक्षण संस्थानों में भी दबिश दी जाएगी।