फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Investigation intensified into getting job in postal department using fake documents

Shimla News: डाक विभाग में फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी हासिल करने के मामले की जांच तेज, जानें पूरा मामला

Thu, 19 Oct 2023 11:29 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 19 Oct 2023 11:29 PM IST
सार

पुलिस ने शिमला मंडल के सभी बर्खास्त 12 डाक सेवकों के दस्तावेज जांच के लिए जुन्गा स्थित एफएसएल लैब भेजे हैं। अब प्रमाणपत्रों की जांच के बाद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने की तैयारी में है। 

विज्ञापन
Investigation intensified into getting job in postal department using fake documents
फर्जी प्रमाण पत्र(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में फर्जी प्रमाणपत्र से डाक विभाग में नौकरी हासिल करने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने शिमला मंडल के सभी बर्खास्त 12 डाक सेवकों के दस्तावेज जांच के लिए जुन्गा स्थित एफएसएल लैब भेजे हैं। अब प्रमाणपत्रों की जांच के बाद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने की तैयारी में है। डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने कहा कि मामले की जांच जारी है।

विज्ञापन


फर्जी दसवीं के प्रमाणपत्रों के आधार पर डाक सेवक के पद पर नौकरी हासिल करने के आरोप लगे हैं। डाक विभाग दिल्ली मुख्यालय ने हिमाचल प्रदेश के कसुम्पटी स्थित डाक मंडल कार्यालय को 2018 से 2022 तक उत्तर प्रदेश शिक्षा बोर्ड प्रयागराज (शिक्षण संस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद क्षेत्रीय कार्यालय) से दसवीं कक्षा के प्रमाणपत्रों के आधार पर चयनित हुए अभ्यार्थियों के सर्टिफिकेट जांचने के निर्देश दिए थे।  इस पर डाक मुख्यालय दिल्ली ने पोस्ट मास्टर जनरल प्रयागराज को जांच अधिकारी अधिकृत किया था।
विज्ञापन


सर्टिफिकेटों की जांच की गई तो शिमला मंडल के करीब 12 डाक सेवकों के दसवीं के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। जांच में इनके दसवीं कक्षा के प्रमाणपत्रों में दर्शाए नंबरों में भिन्नता पाई गई। मेरिट के आधार पर इन्होंने शिमला मंडल के सब डिवीजन में ग्रामीण डाक सेवक की नौकरी हासिल कर ली। आरोपी हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल के रहने वाले हैं। ये सभी एक से पांच साल तक नौकरी करते रहे। अगस्त में डाक विभाग ने इस मामले में जांच पुलिस को सौंपी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

आरोपी इन डाकघर में कर रहे थे नौकरी

आरोपियों की सब डिवीजन (वेस्ट), ईस्ट, चौपाल, नारकंडा और रोहड़ू की शाखाओं में तैनाती हुई थी। इसमें हरियाणा के जिला जींद के सोनू ने कोटखाई के गम्मा, विक्रम ने कोटखाई के बखोल, राकेश ने मतियाना के केलवी, रवि कुमार ने क्यारी के गलेहा, सुशील ने नेरवा के मधाना, साहिल ने कोटखाई के गुम्मा, राकेश ने कोटखाई के नागन, अमन ने टिक्कर के डरारा, विकास ने धामी, साहिल ने मशोबरा, अंकित कुमार ने नारकंडा के शिलारू ब्रांच, राहुल ने ढली के छराबड़ा और जिला मंडी के मनीष कुमार ने शिमला डिवीजन में नौकरी हासिल की थी। इन्होंने माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज (यूपी), शिक्षा बोर्ड भिवानी (एचआर) और झारखंड अकादमिक काउंसिल शिक्षण संस्थान के फर्जी सर्टिफिकेट बनाए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed