छह साल से दौरे कर रहा अफसर, कार्यालय में एक की रिपोर्ट नहीं
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिलासपुर कार्यालय में छह साल से नियम ताक पर रखे जा रहे हैं। छह साल से कार्यालय में तैनात एक अधिकारी ने जो भी दौरे किए, उसकी कोई रिपोर्ट नहीं बनाई गई। अधिकारी दौरे के लिए क्यों गए, दौरे के दौरान इन्होंने वहां क्या किया, इसकी भी जानकारी नहीं। आरटीआई से इसका खुलासा हुआ है। बिलासपुर जिले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी की ओर से 6 साल में विभिन्न प्रोजेक्टों, होटलों, उद्योगों का निरीक्षण किया गया।
पिछले 6 साल में विभाग के अधिकारी ने करीब 260 बार उद्योगों के दौरे किए। इसके अलावा अन्य स्थानों के दौरे अलग से किए गए हैं। जब फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने पूछा कि इन दौरे के दौरान मौके पर क्या खामियां पाई गई और उस पर क्या रिपोर्ट तैयार की गई है। इस पर कार्यालय से छह पत्रों के माध्यम से बताया गया है कि टूअर के बाद कोई रिपोर्ट तैयार नहीं की गई है। इस दौरान उद्योगों में क्या खामियां पाई गई और क्या कार्रवाई की गई, इस संबंध में भी कोई जानकारी कार्यालय में नहीं है।
समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने बताया की क्या सैकड़ों दौरे करने के बाद भी कहीं कोई खामी नहीं पाई गई। टूअर करने के बाद उसकी रिपोर्ट क्यों नहीं बनाई गई। इससे साफ है नियमों को दरकिनार किया गया है। इस संबंध में समिति राज्य सरकार और एनजीटी को साक्ष्यों सहित शिकायत भेज रही है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिलासपुर कार्यालय से यह जानकारी पत्र संख्या पीसीबी/बीएलपी(46) आरटीआई एक्ट 2005/वीओएल-11/2019-408,409,410,411,412, 413 दिनांक 06.05.2019 को दी गई है।
ये होते हैं सरकारी नियम
नियम अनुसार जब कोई भी अधिकारी टूअर पर जाता है तो उसे टूअर रिपोर्ट तैयार करनी होती है। मौके पर क्या निरीक्षण किया, मौके पर क्यों गए थे, वहां क्या खामिया पाई गई, पूरे मामले पर क्या कार्रवाई की गई और गाड़ी कितने किमी चली। सब दर्शाना होता है, लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।