कैंसर को मात देने वाली नर्वदा की बदौलत कई घरों में हुआ उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समाजसेवा का जज्बा हो तो अपने गांव और देश की माटी को सात समंदर पार से भी सिंचा जा सकता है। हिमाचल के जिला सोलन के कुनिहार की 65 वर्षीय नर्वदा कंवर ने कुछ ऐसा ही करके दिखाया है। ब्रेस्ट कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को मात देकर नर्वदा ने कई घरों में रोशनी की है। कई बेटियों के मंडप नर्वदा की बदौलत सजे हैं। पर्यावरण प्रेमी होने के साथ मानवीयता को वह मनुष्य जीवन का पहला कर्तव्य मानती हैं।
आज कल हालांकि वह अमरीका में अपने बेटे के साथ रहती हैं लेकिन अपनी मिट्टी से इस कदर लगाव है कि वहां से भी वह क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों की मदद में सहयोग करती रहती हैं। अमरीका से जब भी अपने घर कुनिहार आती हैं तो अपने पर्यावरण प्रेम, सामाजिक दायित्वों के लिए समर्पित रहती हैं। गरीब लड़कियों की शादी के लिए धन देने के साथ-साथ गरीब बच्चों की पढ़ाई का खर्चा भी वह उठा रही हैं।
गरीब लड़कियों के विवाह से पढ़ाई तक का उठा रही खर्चा
समाज सेवा के साथ नर्वदा कंवर पर्यावरण प्रेमी भी हैं। पेड़ पौधों से लगाव रखने के साथ ही वे हर बरसात में लोगों के सहयोग से पौधारोपण करवाती हैं। चाहे वह भारत में हो या अमेरिका में। इसका आयोजन अपने परिचितों से करवा लेती हैं। वर्ष 2000 में वह हाटकोट पंचायत की प्रधान बनीं। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में कई विकलांग, विधवा महिलाओं और बुजुर्गों को सरकार से पेंशन का हक दिलवाया।
साथ ही यहां के गरीब लोगों को अपनी लड़कियों को पढ़ाने और उनकी शादी करवाने के लिए विभिन्न महकमों से राहत भत्ते भी दिलवाए। भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कुनिहार जनपद की प्राचीन शिव गुफा का सौंदर्यीकरण के लिए जन सहयोग और जिला प्रशासन तथा सरकार से लाखों की मदद दिलवाई।
मानवता की मिसाल हैं नर्वदा कंवर
आज शिव तांडव गुफा विश्व मानचित्र पर है। दो साल पहले कैंसर की बीमारी को मात देने के बाद वह अपने बेटे के पास अमेरिका चली गईं। लेकिन उनकी मौजूदगी के बगैर अपने परिचितों के माध्यम से वह कुनिहार क्षेत्र में सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई हैं। स्थानीय
निवासी राज्य पशु कल्याण बोर्ड के सदस्य राजेंद्र ठाकुर के अलावा मनोज गर्ग, पीयूष, राधा रमण शर्मा, मंजूर और ओमप्रकाश आदि का कहना है कि वह मानवता की मिसाल हैं। उनके कार्यों और जरूरतमंद लोगों को दी जाने वाली सहायता उल्लेखनीय है। विदेश में भी रहकर वह समाज सेवा से जुड़ी हैं।