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Shimla News: एडवांस्ट स्टडी में आज शुरू होगी अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी और प्रदर्शनी

Thu, 09 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2026 11:59 PM IST
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International seminar and exhibition to begin today at the Institute of Advanced Study.
उपराष्ट्रपति वर्चुअल माध्यम से करेंगे दोनों कार्यक्रमों का उद्घाटन, देश-विदेश के विद्वान तीन दिन करेंगे विचार-विमर्श
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राज्यपाल कविंद्र गुप्ता भी रहेंगी संगोष्ठी में मौजूद
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ट स्टडी) में शुक्रवार से सरदार पटेल का विजन : अखंडता, एकजुटता और संघवाद विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू होगी। इसके साथ ही वंदे मातरम् : एक यात्रा नाम से स्थायी प्रदर्शनी भी आम लोगों के लिए खोली जाएगी।

खराब मौसम के कारण उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शिमला नहीं पहुंच पाएंगे। अब वह दोनों आयोजनों का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से करेंगे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल कविंद्र गुप्ता भी संगोष्ठी में मौजूद रहेंगे। तीन दिन तक चलने वाली इस संगोष्ठी का केंद्र सरदार वल्लभभाई पटेल की राष्ट्र-निर्माण संबंधी सोच रहेगी। विभिन्न सत्रों में राष्ट्रीय एकीकरण, 560 से अधिक रियासतों का विलय, केंद्र-राज्य संबंध, सहकारी संघवाद, प्रशासनिक सुधार, सांविधानिक शासन, राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर मंथन होगा। देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ जर्मनी, अमेरिका और बुल्गारिया के शिक्षाविद भी ऑनलाइन भाग लेंगे। हैदराबाद, कश्मीर, पंजाब की पहाड़ी रियासतों और ओडिशा के एकीकरण, भारतीय सिविल सेवा, राजकोषीय संघवाद तथा समकालीन संघीय लोकतंत्र जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए हैं। संगोष्ठी के साथ शुरू हो रही वंदे मातरम : एक यात्रा स्थायी प्रदर्शनी छह माह तक पर्यटकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए खुली रहेगी।
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प्रदर्शनी में 27 विषयगत पैनलों के माध्यम से वर्ष 1875 से 1950 तक वंदे मातरम की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाया है। इसमें गीत की रचना, स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका, उस पर लगे प्रतिबंध और राष्ट्रगीत के रूप में उसकी मान्यता तक के महत्वपूर्ण पड़ाव दुर्लभ चित्रों और ऐतिहासिक दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किए हैं। संस्थान का अनुमान है कि अगले छह माह में करीब एक लाख लोग इस प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। उद्घाटन समारोह में कई महत्वपूर्ण अकादमिक प्रकाशनों का लोकार्पण भी किया जाएगा।
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