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अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा: रघुनाथ की चाकरी के लिए 150 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे छह देवता
Thu, 26 Oct 2023 11:34 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 26 Oct 2023 11:34 PM IST
सार
आराध्य देव भगवान रघुनाथ के दरबार में हाजिरी भरने के लिए पहुंचे बाह्य सराज के यह छह देवरथ सैलानियों व श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने हैं।
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देवता व्यास ऋषि, खुडीजल,कोट पझारी,चोतरू नाग, बिशलू नाग
- फोटो : संवाद
विस्तार
1660 से मनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में भगवान रघुनाथ की चाकरी के लिए हर कोने से देवी-देवता पहुंचे हैं। ऐसे में दशहरा की परंपरा निभाने के लिए बाह्य सराज से छह देवी-देवता 150 किलोमीटर का पैदल सफरकर दशहरा की शोभा बढ़ा रहे हैं। इन देवताओं को अपने देवालय से कुल्लू पहुंचने में चार से पांच दिन का समय लगता है। हालांकि पहले दशहरा में आनी क्षेत्र से पांच ही देवता आते थे, मगर 2022 से बिशलूनाग भी पूरे लाव-लश्कर के साथ दशहरा में भाग ले रहे हैं।
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आराध्य देव भगवान रघुनाथ के दरबार में हाजिरी भरने के लिए पहुंचे बाह्य सराज के यह छह देवरथ सैलानियों व श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने हैं। उपायुक्त कार्यालय कुल्लू के साथ लगते दशहरा मैदान के अस्थायी शिविरों में विराजमान देवताओं के दर्शन के लिए सुबह से शाम तक लोगों का तांता लगा है। दशहरा में देवी-देवताओं के आने का इतिहास 200 से 300 साल से अधिक पुराना है। बाह्य सराज से सबसे बड़े देवता खुडीजल का इतिहास भी सैकड़ों साल पुराना है। वहीं व्यास ऋषि के साथ कोट पझारी व टकरासी भी 300 साल से दशहरा में शिरकत कर रहे हैं।
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यह देवता अपने मंदिर से 10280 फीट ऊंचे जलोड़ी दर्रा होकर पैदल कुल्लू दशहरा की परंपरा को निभाने को आते हैं। देवता कोट पझ़ारी के कारदार भागे राम राणा ने कहा कि देवता 300 सालों से दशहरा में आ रहे हैं। व्यास ऋषि के कारदार इंद्र सिंह तथा मुख्य कारकून ठाकुर दास वर्मा कहा कि देवता पूर्वजों के जमाने से दशहरा में भाग ले रहे हैं। खुडीजल के कारदार शेर सिंह ने कहा कि खुडीजल और टकरासी नाग में मामा-भांजे का रिश्ता है और दोनों देवता 17वीं शताब्दी से आ रहे हैं। सदियों से दशहरा उत्सव में भगवान रघुनाथ की चाकरी के लिए आते हैं। वह इसके लिए 150 किलेामीटर तक का पैदल सफर करके आते हैं। कारदार ने कहा कि वह देव आदेशों से बंधे हैं और वह इनके खिलाफ नहीं जा सकते हैं।
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