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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   International Kullu Dussehra, Narasimha's Jaleb came out on the drums and vocals of Karnal, Fagli dance mesmer

Kullu Dussehra: ढोल-नगाड़ों और करनाल की स्वर लहरियों पर निकली नरसिंह की जलेब, फागली नृत्य ने किया मंत्रमुग्ध

Fri, 07 Oct 2022 10:47 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Published by: Krishan Singh Updated Fri, 07 Oct 2022 10:47 PM IST
सार

भगवान नरसिंह की जलेब यात्रा की परंपरा 372 साल से निभाई जा रही है। यह दशहरे के दूसरे दिन से लेकर दशहरे तक निकलती है। ढालपुर में भगवान रघुनाथ स्थित राजा की चाननी से शाम करीब 4:30 बजे जलेब यात्रा शुरू हुई। 

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International Kullu Dussehra, Narasimha's Jaleb came out on the drums and vocals of Karnal, Fagli dance mesmer
भगवान नरसिंह की जलेब व फागली नृत्य - फोटो : संवाद

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में शुक्रवार को भगवान नरसिंह की दूसरी जलेब निकाली गई। ढोल नगाड़ों, करनाल व शहनाई की स्वर लहरियों के साथ निकली जलेब में सैकड़ों देवलू झूम उठे। वहीं, विदेशी भी इस अलौकिक दृश्य के कायल हो गए। भगवान नरसिंह की जलेब यात्रा की परंपरा 372 साल से निभाई जा रही है। यह दशहरे के दूसरे दिन से लेकर दशहरे तक निकलती है। ढालपुर में भगवान रघुनाथ स्थित राजा की चाननी से शाम करीब 4:30 बजे जलेब यात्रा शुरू हुई। इसमें लक्ष्मी नारायण भलाण, जमदग्नि ऋषि सीस, गौतम ऋषि मनिहार, चमन ऋषि नजां, लक्ष्मी नारायण जेष्ठा, जमदग्नि ऋषि हवाई और जमदग्नि ऋषि उडसू शामिल रहे। एक घंटे की इस जलेब यात्रा में सबसे आगे नरसिंह भगवान की घोड़ी सज-धजकर चली।

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पुलिस के कड़े पहरे में निकली जलेब को देखने के लिए जगह-जगह लोग उमड़े और देवता के आगे नतमस्तक होकर सुख-शांति का प्रार्थना की। रघुनाथ के छड़ी बरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि नरसिंह की जलेब दशहरे की परंपरा है और इसे पांच दिन तक निभाया जाता है। छड़ी बरदार महेश्वर सैंज, गड़सा घाटी के सात देवताओं के साथ पालकी में सवार हुए।  जिला कुल्लू में फागली उत्सव में होने वाले फागली डांस को दशहरा में पहली बार प्रस्तुत किया गया। मुखौटे पहनकर होने वाले इस नृत्य को दर्शकों ने खूब पसंद किया है। खासकर इस नृत्य को बंजार घाटी में मनाए जाने वाले फागली पर्व में किया जाता है। इसमें एक विशेष शलुई के पतों और मुंह में मुखौटे पहने जाते हैं।

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