कुल्लू दशहराः क्या कोर्ट का फैसला बदलेगा परंपरा?
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अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के मौके पर होने वाली अष्टांग बलि को रोक पाना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। मेले में पिछले कुछ समय से घट रही घटनाओं और देव संसद जगती के फैसले पर अमल हुआ तो देव समाज से जुड़े लोग हर हाल में अष्टांग बलि देंगे।
ऐसे में मेला कमेटी और जिला प्रशासन के लिए अष्टांग बलि को रोक पाना संभव नहीं दिख रहा है। हालांकि कारदास संघ और देव समाज से जुडे़ लोग कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। वहीं प्रशासन का दावा है कि हाई कोर्ट के फैसले को हर हाल में मनवाया जाएगा।
हाईकोर्ट ने दशहरा उत्सव से ठीक पहले पशु बलि का रोक लगा दी थी। इसके बाद देव समाज में इसके प्रति विरोध उत्पन हो गया था।
बलि रोकने के लिए पुलिस तैनात
हालांकि विरोध के बाद भी 228 देवी देवता मेला में पहुंचे हैं। देवी हडिंबा सहित अन्य देवी देवता मेले के पहले दिन ही गूर के माध्यम से कह चुके हैं कि पुरानी परंपरा को किसी भी हाल में तोड़ा नहीं जाएगा।
उपायुक्त कुल्लू एवं मेला कमेटी के अध्यक्ष राकेश कंवर ने कहा है कि हाई कोर्ट के आदेश हर हाल में लागू करवाया जाएगा। इधर,एसपी कुल्लू सुरेंद्र वर्मा का कहना है कि पुलिस अष्टांग बलि पर रोक लगाने के लिए पुख्ता प्रबंध कर रखे हैं।
वहीं इसके लिए विशेष टीमों का भी गठन किया गया है। उन्होंने साफ किया कि हाईकोर्ट के आदेश हर हाल में मनवाए जाएंगे। इधर, कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम का कहना है कि अष्टांग बलि कार्यक्रम राज परिवार द्वारा संपन्न होगा। उन्होंने का कि इस बारे में महेश्वर सिंह ही फैसला लेंगे।