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Shimla News: आईजीएमसी की सरकारी लैब में आईएनआर जांच भी हुई बंद

Thu, 18 Sep 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Sep 2025 11:59 PM IST
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INR testing also stopped at the government lab at IGMC.
लैब में चार टेस्ट पहले से चल रहे बंद, मरीजों को निजी लैब में करवाने पड़ रहे हैं टेस्ट
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एचसीबी, एचबीए वन सी, विटामिन डी भी नहीं हो रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) की सरकारी लैब में टेस्ट किट खत्म होने से आईएनआर जांच बंद हो गई है। सरकारी लैब में चार टेस्ट पहले ही बंद पड़े हैं और अब एक और टेस्ट बंद हो गया है। आईएनआर टेस्ट खून को पतला करने वाली दवाइयों (ब्लड थिनर) का इस्तेमाल करने वाले मरीजों का होता है। इसी टेस्ट की रिपोर्ट के आधार पर मरीजों के लिए दवा की सही मात्रा तय की जाती है।

यह टेस्ट आजकल आईजीएमसी की मुख्य लैब में बंद है और मरीजों को टेस्ट के लिए क्रस्ना लैब में भेजा जा रहा है। हालांकि वहां निशुल्क जांच तो हो रही है, लेकिन रिपोर्ट समय पर न मिलने से मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। मरीजों का बोझ बढ़ने के कारण यहां लंबी-लंबी लाइनें लगी रहती हैं। इस कारण मरीजों को अस्पताल परिसर के बाहर स्थित निजी लैबों में यह टेस्ट करवाने पड़ते हैं। आईएनआर के अलावा आईजीएमसी लैब में पहले से ही एचसीबी, एचबीए- वन सी, विटामिन डी और विटामिन बी-12 टेस्ट बंद हैं। यह टेस्ट बंद होने से सबसे ज्यादा मधुमेह, हृदय और अस्थि रोगियों को दिक्कत हो रही है।
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एचबीए वन सी टेस्ट मधुमेह नियंत्रण की निगरानी के लिए अनिवार्य है, जबकि विटामिन डी और बी 12 टेस्ट हड्डियों तथा नसों की सेहत समझने में मदद करते हैं। सरकारी लैब में यह टेस्ट मुफ्त में होते हैं लेकिन अब मरीजों को मजबूरी में निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।
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निजी लैब में 700 रुपये तक है शुल्क
निजी लैब में आईएनआर जांच का शुल्क लगभग 500 से 700 रुपये तक है। सरकारी लैब में यह नाममात्र शुल्क पर हो जाता था। इसी तरह एचबीए 1 सी टेस्ट निजी लैब में 600 से 900 रुपये, विटामिन डी की जांच 1200 से 1800 रुपये और विटामिन बी 12 की जांच 1000 से 1500 रुपये में हो रही है। हर रोज आईजीएमसी आने वाले सैकड़ों मरीज इन जांचों के लिए निजी लैब पर निर्भर रहते हैं। इससे मरीजों को जहां अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है वहीं रिपोर्ट मिलने में भी देरी हो रही है। डॉक्टरों के अनुसार आईएनआर रिपोर्ट में देरी खतरनाक साबित हो सकती है।

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