तृणमूल कांग्रेस सांसद केडी सिंह पर बेनामी संपत्तियों की जांच
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हिमाचल सरकार ने तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं राज्यसभा सांसद केडी सिंह पर बेनामी संपत्तियों की जांच बैठा दी है। यह जांच वित्त मंत्रालय और राज्यसभा सचिवालय से हिमाचल सरकार को मिले पत्रों को आधार बनाकर बैठाई गई है। राज्य सरकार ने राजस्व अधिकारियों से इस मामले की जांच रिपोर्ट तलब की है। उपायुक्त शिमला को भी छानबीन के आदेश दिए गए हैं।
विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि माकपा के लोकसभा सांसद एम. सलीम ने वित्त मंत्रालय और राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर हिमाचल के प्रमुख पर्यटन स्थल कुफरी में तृणमूल कांग्रेस के सांसद की खरीदी जमीन पर जांच की मांग की है। एम. सलीम ने अपने पत्र में केडी सिंह पर आरोप लगाए हैं कि उनकी हिमाचल में बेनामी संपत्तियां हैं। इस शिकायत के मुताबिक केडी सिंह ने कुफरी में दो अलग-अलग बेनामी जमीनें खरीदी हैं।
इन जमीनों को लेकर है जांच
इनमें से एक जमीन आठ बीघा और दूसरी 14 बीघा है। आठ बीघा भूमि एक स्थानीय होटल मालिक की पत्नी के नाम से खरीद की गई है और उसी के खाते में केडी सिंह ने चेक से भुगतान भी किया है। दूसरी खरीदी गई भूमि भी इसी क्षेत्र में लगभग 14 बीघा है। इसका मालिकाना अधिकार भी क्षेत्र के कुछ स्थानीय लोगों का ही रखा गया है। उनके खातों में भी चेक से भुगतान हुआ है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली के कार्यालय से आए पत्र के साथ ही एम. सलीम का शिकायत पत्र संलग्न कर हिमाचल सरकार से इस पर जांच को कहा गया है। एम. सलीम ने वित्त मंत्रालय और राज्यसभा सचिवालय से इस मामले की मनी लॉन्ड्रिंग, बेनामी संपत्ति और हिमाचल सरकार के भू-सुधार अधिनियम की अवहेलना करने के एंगल से छानबीन करने का अनुरोध किया है।
इसके बाद प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग ने यह मामला जिला प्रशासन को छानबीन के लिए भेजा है। अमर उजाला ने केडी सिंह से भी दूरभाष पर प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया, मगर वे उपलब्ध नहीं हुए। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व तरूण श्रीधर का कहना है कि वित्त मंत्रालय से एक पत्र आया है। मामले को आगे जांच के लिए भेज दिया गया है।