पीएम मोदी ने हिमाचल सरकार को दी नसीहत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए माहौल बनाने की नसीहत दी है। प्रदेश में नियमों को सरल बनाने का सुझाव दिया है। उद्योगों को लगाने में जल्द क्लीयरेंस देने और अड़चनें दूर करने के लिए कहा है, जिससे प्रदेश में देश और विदेश के उद्योगपतियों को आकर्षित किया जा सके। इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पत्र लिखा है। मेक इन इंडिया कार्यक्रम का हवाला देते हुए यह चिट्ठी लिखी गई है। हिमाचल प्रदेश में वन, राजस्व और बिजली के नियम इतने कड़े हैं, जिसकी अनुमति लेने के लिए उद्योगपतियों को परेशानी उठानी पड़ती है।
आसानी से क्लीयरेंस न मिल पाने के कारण उद्योगपतियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। इस तथ्य को प्रदेश के अफसर और मंत्री भी बनाते है, लेकिन प्रदेश बनने के बाद से लेकर आज तक नियमों को निवेश के अनुकूल नहीं बनाया जा सका है। इससे सीधे तौर पर प्रदेश के निवेश पर असर पड़ रहा है। इस तथ्य से अवगत होने के बाद प्रधानमंत्री को प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने और कार्य संस्कृति विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखना पड़ा है।
हिमाचल ने की थी इनवेस्टर मीट
हाल ही में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात में बड़े स्तर पर इनवेस्टर मीट का आयोजन किया गया था, जिसमें 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश के प्रस्ताव आए थे। प्रदेश सरकार की भी कोशिश है कि प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश किया जाए, जिससे रोजगार के संसाधन बढ़ सकें।
उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि पिछले माह नवंबर में जो इनवेस्टर मीट हुआ था। उसका जल्द ही फालोअप शुरू किया जाएगा। साथ ही प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए नियमों को सरल करने की प्रक्रिया लगातार की जा रही है, जिससे निवेश को बढ़ावा दिया जा सके।