पायलट के गले में फंसी पैराग्लाइडर की रस्सी, गई जान
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बिलिंग घाटी में उड़ान भरने वाले पायलटों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत के पुणे मूल के ऑस्ट्रेलिया के 50 वर्षीय पायलट संजय कुमार रामदास की मौत हो गई है। रामदास ने बुधवार को बिलिंग स्थित टेक ऑफ प्वाइंट से उड़ान भरी थी।
जोगिंद्रनगर के हराबाग के ऊपर स्थित डिगली जोत में वह दुर्घटना का शिकार हो गए। रामदास ने पांच अन्य साथियों के साथ उड़ान भरी थी। दूसरी, ओर बुधवार को ही एक अन्य स्पेन के 40 वर्षीय पायलट चैचू पालमपुर के बंदला की पहाड़ियों में लैंड कर गए।
उन्हें वीरवार सुबह हेलीकॉप्टर की मदद से बचाव दल ने सुरक्षित लिफ्ट कर लिया। सिंगापुर के पायलट की पालमपुर के बंदला की पहाड़ियों में मौत के बाद मंगलवार को रेस्क्यू कर शव को निकाला गया था।
पांच पायलट लौट गए, जबकि एक जोत में गिर गया
अब भारतीय मूल के एनआरआई पायलट की मौत का मामला सामने आ गया है। जोत पर वर्धानी माता मंदिर में गए श्रद्धालुओं के अनुसार छह पायलट आसमान पर दिख रहे थे। इसमें पांच पायलट लौट गए, जबकि एक जोत में गिर गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रामदास के गले में पैराग्लाइडर की रस्सी फंस गई थी। बीड़ से राहुल के नेतृत्व में गए बचाव दल ने बुधवार देर रात डेढ़ बजे रामदास को तलाश करके जोगिंद्रनगर पहुंचाया। वीरवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम टांडा में किया गया।
उधर, एसडीएम विकास शुक्ला ने बताया कि पायलटों के साथ बैठक करके उन्हें सुरक्षित फ्लाइंग को लेकर दिशा निर्देश दिए गए हैं। वीरवार को पूरा दिन उड़ानों पर प्रतिबंध रहा है। इसकी मंडी के एसपी गुरदेव शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।