फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Indian Military Academy Passing Out Parade Story of abhay rana

अभय ने बताया, मल्टीनेशनल कंपनी छोड़ इसलिए चुनी सेना की राह

Sun, 11 Jun 2017 12:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 11 Jun 2017 12:43 PM IST
विज्ञापन
Indian Military Academy Passing Out Parade Story of abhay rana
अभय राणा - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल प्रदेश ने इस बार फिर सेना में अफसर देने में दमदार प्रदर्शन किया है। प्रदेश के 21 नौजवान सेना में अफसर बन गए। बीटेक करने के बाद मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब की। लेकिन दादा की बचपन की सुनाईं कहानियां रुकने नहीं देतीं थीं।

विज्ञापन


आखिरकार सेना में जाने का फैसला लिया। इस तरह हिमाचल प्रदेश के चंबा निवासी अभय राणा सेना में अफसर बन गए। अभय के दादा ऊधम सिंह राणा सेना में सूबेदार पद से रिटायर्ड हुए थे। बचपन में वह अभय को सेना में अपनी बहादुरी के किस्से सुनाया करते थे।

विज्ञापन

बंगलूरू में मल्टीनेशनल कंपनी में की जॉब

Indian Military Academy Passing Out Parade Story of abhay rana
अभय राणा - फोटो : अमर उजाला

इससे अभय के भीतर सेना में जाने का सपना जागा, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। चंडीगढ़ से बीटेक करने के बाद अभय ने बंगलूरू में एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब की। इस दौरान उन्हें आईएमए में प्रवेश का मौका मिला। 

शनिवार को जब वह पासआउट हुए तो उनका सपना पूरा हो गया। उनका कहना है कि मल्टी नेशनल कंपनी से बेहतर सेना हमारा करियर ऑप्शन भी है और सेना ही हमारी शान भी है। उनके पिता राज सिंह राणा फायर ऑफिसर पद से रिटायर्ड हैं, जबकि मां विमला राणा एनएचपीसी में कार्यरत हैं।

दादा के किस्सों ने भरा कार्तिकेय में जोश

Indian Military Academy Passing Out Parade Story of abhay rana
कार्तिकेय राणा - फोटो : अमर उजाला

बचपन में दादा के सेना से जुड़े बहादुरी के किस्सों ने हिमाचल के कांगड़ा निवासी कार्तिकेय राणा में जोश भर दिया। उन्होंने बचपन में ही सेना में जाने का सपना पाल लिया। 

शनिवार को हुई भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पीओपी से पासआउट होकर कार्तिकेय का यह सपना पूरा हो गया। कार्तिकेय के दादा अमर सिंह सेना में ऑनरेरी कैप्टन के पद से रिटायर्ड हैं।

विज्ञापन

माता पिता करते हैं सरकारी नौकरी

Indian Military Academy Passing Out Parade Story of abhay rana
कार्तिकेय राणा - फोटो : अमर उजाला

उनके पिता विरेंद्र और माता मंजू रानी हिमाचल प्रदेश में सरकारी विभागों में कार्यरत हैं। कार्तिकेय ने बताया कि उन्होंने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद एनडीए की परीक्षा पास की। 

एनडीए से प्रशिक्षण लेने के बाद आईएमए में एंट्री पाई। खुशी के इस मौके पर दादा भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि बेटा तो अफसर नहीं बन सका, लेकिन आज पोता अफसर बना तो जैसे मेरा जीवन सफल हो गया।

अर्की के पीयूष ठाकुर बने इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट

Indian Military Academy Passing Out Parade Story of abhay rana
पीयूष ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

अर्की (सोलन)। अर्की उपमंडल के डाडल गांव के पीयूष ठाकुर आईएमए देहरादून से पासआउट होकर इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट बने हैं। 10 जून को लेफ्टिनेंट का प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत उन्हें बंगलूरू में पोस्टिंग मिली है। 

माता-पिता के इकलौते बेटे पीयूष ने वर्ष 2013 में एनडीए की परीक्षा पास एनडीए कोर्स के लिए पुणे स्थित आर्मी संस्थान में प्रवेश प्राप्त किया।

जहां से पीयूष मई 2016 में पासआउट हुए। उसके उपरांत उनका विशेष प्रशिक्षण आईएमए देहरादून में हुआ, जहां से लेफ्टिनेंट बनने के बाद उन्हें बंगलूरू में तैनाती मिली है।

पिता सुरेंद्र ठाकुर हिमाचल प्रदेश विद्युत परिषद शिमला में वरिष्ठ सहायक हैं, जबकि माता यशोदा गृहिणी हैं। लेफ्टिनेंट पीयूष ठाकुर की इस सफलता के लिए अर्की क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। स्थानीय लोगों ने पीयूष ठाकुर को और उनके माता-पिता को बधाई दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed