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सरहद तक सेना की पहुंच बनेगी आसान, डबल लेन होगी ये सड़क
धर्मेंद्र पंडित/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 14 Dec 2017 11:44 AM IST
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हिमाचल से सटे चीन बॉर्डर तक सीमा सड़क संगठन 132 किलोमीटर लंबी डबल लेन सड़क बनाने जा रहा है। बीआरओ के दीपक प्रोजेक्ट ने इसे वर्ष 2022 तक बनाने का लक्ष्य रखा है।
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इस सड़क को पवारी से पूह और पूह से कौरिक तक दो चरणों में बनाया जाएगा। कौरिक में आईटीबीपी और सेना की अंतिम पोस्ट है। उसके ठीक सामने चीन की पोस्ट है।
दूसरी ओर से चीन पहले ही डबल लेन मार्ग बना रहा है। इसी के चलते अब सामरिक महत्व के इस मार्ग का विस्तारीकरण किया जा रहा है। इस मार्ग के बनने से सेना आसानी से सरहद तक पहुंच सकेगी।
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चीन सीमा से सटी सामरिक सड़कों के विस्तारीकरण की कवायद तेज हो गई है। पवारी से कौरिक तक 132 किलोमीटर लंबा मार्ग अधिकतर सिंगल लेन है। मात्र सात किलोमीटर मार्ग ही डबल लेन है।
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यह मार्ग अक्सर ल्हासे गिरने से बंद रहता है। सेना की पहुंच बनाने के लिए इस सड़क को सीमा तक डबल लेन किया जा रहा है। कौरिक पोस्ट पर दर्जनों सेना के जवान हर समय तैनात रहते हैं।
बार्डर रोड प्रोजेक्ट (दीपक) के चीफ इंजीनियर मोहन लाल ने बताया कि 2022 तक इस मार्ग को डबल लेन करने के अलावा टारिंग भी की जाएगी।
16 मीटर चौड़ी होगी यह सड़क
चीन सीमा तक यह सड़क 16 मीटर चौड़ी होगी। इस सड़क से सेना के वाहनों की आवाजाही आसानी से हो सकेगी। बताया जा रहा है कि कौरिक पोस्ट तक डबल लेन होने वाली यह पहली सबसे लंबी सड़क होगी।