फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Increase in average temperature of the city due to climate change

Shimla News: जलवायु परिवर्तन से शहर के औसतन तापमान में बढ़ोतरी

Sun, 14 Jul 2024 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jul 2024 11:59 PM IST
विज्ञापन
Increase in average temperature of the city due to climate change
बढ़ता प्रदूषण और जनसंख्या बताया जा रहा कारण
विज्ञापन

स्थानीय वनस्पति और लोगों की जीवनशैली भी प्रभावित
हर्षित शर्मा
शिमला। राजधानी शिमला के जलवायु में पिछले कुछ दशकों में काफी बदलाव आया है। जलवायु परिवर्तन के कारण यहां का पारंपरिक मौसम धीरे-धीरे बदल रहा है। इससे कृषि, स्थानीय वनस्पति, जीव-जंतु और लोगों की जीवनशैली पर गंभीर प्रभाव नजर आ रहे हैं।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 1901 से 2022 के बीच शिमला के औसतन तापमान में 1.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ सर्दियों में पड़ने वाली बर्फ में भी हर साल गिरावट दर्ज की जा रही है। मानसून के महीनों में होने वाली बारिश में भी बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 1990 में शहर में 105 सेंटीमीटर बर्फ पड़ी थी वहीं 2024 में केवल 7 सेंटीमीटर बर्फ ही पड़ी है। पिछले कुछ सालों से शिमला के सामान्य तापमान में वृद्धि हुई है। सर्दियों के मौसम में बर्फबारी में कमी आई है, जिससे तापमान अपेक्षाकृत अधिक हो गया है। ग्रीष्मकाल में तापमान में वृद्धि के कारण यहां की ठंडी हवाएं भी अब कम महसूस हो रही हैं।
विज्ञापन


शिमला की वनस्पति और जीव-जंतु भी जलवायु परिवर्तन से अछूते नहीं हैं। तापमान में वृद्धि और अनियमित वर्षा के कारण कई पौधों की प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं। वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे उनकी संख्या में कमी आ रही है। हिमालयी तेंदुआ, कस्तूरी मृग और कई पक्षियों की प्रजातियां अब संकट में हैं। साथ ही शिमला के आसपास प्राकृतिक औषधीय पौधों में कमी आई है। प्रदेश में पाई जाने वाले 57 औषधीय पौधों की प्रजातियां खतरे में हैं। यह खुलासा हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड की रिपोर्ट में हुआ है। भारतीय वन सर्वेक्षण के मुताबिक 2001 से 2023 तक शिमला में 589 हेक्टेयर में किया पौधरोपण नष्ट हो गया है। इसके कारण लगातार हो रहे निर्माण कार्य और प्राकृतिक आपदाएं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोगों की जीवनशैली भी प्रभावित
शिमला के लोगों की जीवनशैली भी जलवायु परिवर्तन के कारण बदल रही है। बर्फबारी में कमी के कारण पर्यटन पर असर पड़ा है, जो यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। इसके अलावा पानी की कमी भी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। लोगों को अब जल संरक्षण के उपाय अपनाने पड़ रहे हैं। अब लोगों को गर्मी से बचने के लिए पंखे भी लगाने पड़ रहे हैं। इस साल शहर में पेयजल आपूर्ति घटने से निर्माण कार्य तक रोकने पड़े थे। 2000 में शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक स्तर (एक्यूआई) 20 के आसपास रहता था जो 2024 में 50 तक पहुंच गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article