पहले से रोशन माल रोड पर लगा दी लाइटें
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सोलर लाइट लगाने के नियमों को नगर निगम ने सूली पर टांग दिया है। केंद्र ने शिमला के हर वार्ड के लिए 40-40 सोलर लाइटें दी हैं। लेकिन इन लाइटों को ऐसी जगहों पर लगा दिया गया, जहां इनकी जरूरत ही नहीं।
पब्लिक अंधेरी गलियों और संपर्क मार्गों पर इन सोलर लाइटों के लगने का इंतजार कर रही थी पर यह योजना भेदभाव की बलि चढ़ गई। स्थानीय पार्षदों की सिफारिश पर ये लाइटें लगाई गई हैं। अमर उजाला टीम ने सोमवार को मौके पर जाकर ऐसी चार जगहों का जायजा लिया जहां बिना जरूरत सोलर लाइटें लगा दी गई हैं।
चकाचौंध भरी लाइटों के आगे सोलर लाइट
रिज मैदान पर क्राइस्ट चर्च के बिलकुल साथ जाखू जाने वाले मार्ग की ओर सोलर लाइट लगाई है। सोलर लाइट के सामने स्ट्रीट लाइट भी लगी हुई है। क्राइस्ट चर्च पर लाइट करने के लिए आधुनिक लाइटें भी लगी हैं। यहां चकाचौंध भरी लाइटों के आगे सोलर लाइट का आभास तक नहीं होता।
मालरोड पर शेरे पंजाब से लोअर बाजार को जाने वाले मार्ग पर भी एक सोलर लाइट लगाई गई है। सोलर लाइट के सामने ही चार स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। लोअर बाजार में प्रवेश करते ही दो स्ट्रीट लाइटें भी लगी हैं।
रानी झांसी पार्क, लोअर बाजार में मेहरु हलवाई की दुकान के सामने सब्जी मंडी को जाने वाले मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगी हुई है। नगर निगम ने भी यहीं पर सोलर लाइट लगवा दी है। इसके अलावा भी बाजार में कई जगह ऐसा कारनामा निगम ने किया है।
नगर निगम के सहायक आयुक्त नरेश ठाकुर ने बताया कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है। अगर कभी स्ट्रीट लाइटों में कोई दिक्कत आ जाए या बिजली की सप्लाई बंद हो जाए तो सोलर लाइटों से लोगों को आवाजाही में परेशानी नहीं होगी।