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Shimla News: हिमाचल विवि परिसर में एबीवीपी ने किया प्रदर्शन
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नए छात्रावासों के निर्माण करने का किया आग्रह
गैर शिक्षकों के 258 से अधिक पद भरने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विवि इकाई ने छात्र-छात्राओं की मांगों को लेकर बुधवार को हिमाचल विश्वविद्यालय परिसर (एचपीयू) में प्रदर्शन किया। इसमें मुख्य रूप से विवि में नए छात्रावासों के निर्माण की मांग को उठाया।
इकाई मंत्री आशीष शर्मा ने कहा कि विवि ने छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाकर छात्रों के अधिकार को समाप्त किया है। प्रदेश में सत्तासीन रही सरकारों ने छात्र संघ चुनाव बहाली के वादे तो किए लेकिन आज तक इन्हें पूरा नहीं किया। प्रदेश की राजनीति को छात्र राजनीति ने ही बड़े नेता दिए हैं, बावजूद इसके छात्र संघ चुनाव पर लगे प्रतिबंध को सरकार बहाल नहीं कर रही। उन्होंने विवि पुस्तकालय में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए सेंट्रल हीटिंग सिस्टम लगाने की मांग के अलावा गैर शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने का आग्रह भी किया।
एबीवीपी के उपाध्यक्ष ईश ने कहा कि 2020 और 21 में विज्ञापित किए गैर शिक्षकों के 258 से अधिक पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे जिसमें विवि ने चार करोड़ से अधिक की फीस एकत्र की है। इस फीस को वसूलने के बाद आज तक विवि भर्ती के लिए परीक्षा तक नहीं करवा पाया है। विवि ने प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवाओं को धोखा दिया है। उन्होंने विवि में स्थायी कुलपति की तैनाती जल्द करने की मांग भी सरकार से की। इकाई मंत्री आशीष शर्मा ने कहा कि यदि मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो परिषद प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर देगा।
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संजौली कॉलेज में नियमित चलीं कक्षाएं
शिमला। संजौली कॉलेज में छात्रों के निष्कासन के मामले को लेकर चले विवाद के शांत होने के बाद कॉलेज में बुधवार को नियमित रूप से कक्षाएं चलीं। वहीं कॉलेज प्रशासन के व्हाट्सएप के माध्यम से सुबह 10:40 बजे के बाद कॉलेज गेट से प्रवेश पर रोक लगाने और दो बजे से पहले बाहर न निकलने के लागू किए नियमों का एसएफआई ने विरोध किया। इकाई अध्यक्ष प्रवेश और सचिव अंशुल ने कॉलेज प्रशासन से इस तरह बंदिशों को समाप्त करने की मांग की है। कहा कि राजधानी में जाम की समस्या आम हो चुकी है।
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गैर शिक्षकों के 258 से अधिक पद भरने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विवि इकाई ने छात्र-छात्राओं की मांगों को लेकर बुधवार को हिमाचल विश्वविद्यालय परिसर (एचपीयू) में प्रदर्शन किया। इसमें मुख्य रूप से विवि में नए छात्रावासों के निर्माण की मांग को उठाया।
इकाई मंत्री आशीष शर्मा ने कहा कि विवि ने छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाकर छात्रों के अधिकार को समाप्त किया है। प्रदेश में सत्तासीन रही सरकारों ने छात्र संघ चुनाव बहाली के वादे तो किए लेकिन आज तक इन्हें पूरा नहीं किया। प्रदेश की राजनीति को छात्र राजनीति ने ही बड़े नेता दिए हैं, बावजूद इसके छात्र संघ चुनाव पर लगे प्रतिबंध को सरकार बहाल नहीं कर रही। उन्होंने विवि पुस्तकालय में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए सेंट्रल हीटिंग सिस्टम लगाने की मांग के अलावा गैर शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने का आग्रह भी किया।
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एबीवीपी के उपाध्यक्ष ईश ने कहा कि 2020 और 21 में विज्ञापित किए गैर शिक्षकों के 258 से अधिक पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे जिसमें विवि ने चार करोड़ से अधिक की फीस एकत्र की है। इस फीस को वसूलने के बाद आज तक विवि भर्ती के लिए परीक्षा तक नहीं करवा पाया है। विवि ने प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवाओं को धोखा दिया है। उन्होंने विवि में स्थायी कुलपति की तैनाती जल्द करने की मांग भी सरकार से की। इकाई मंत्री आशीष शर्मा ने कहा कि यदि मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो परिषद प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर देगा।
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संजौली कॉलेज में नियमित चलीं कक्षाएं
शिमला। संजौली कॉलेज में छात्रों के निष्कासन के मामले को लेकर चले विवाद के शांत होने के बाद कॉलेज में बुधवार को नियमित रूप से कक्षाएं चलीं। वहीं कॉलेज प्रशासन के व्हाट्सएप के माध्यम से सुबह 10:40 बजे के बाद कॉलेज गेट से प्रवेश पर रोक लगाने और दो बजे से पहले बाहर न निकलने के लागू किए नियमों का एसएफआई ने विरोध किया। इकाई अध्यक्ष प्रवेश और सचिव अंशुल ने कॉलेज प्रशासन से इस तरह बंदिशों को समाप्त करने की मांग की है। कहा कि राजधानी में जाम की समस्या आम हो चुकी है।