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शोघी चेक पोस्ट पर सेब बागवानों से अवैध वसूली

Thu, 09 Sep 2021 11:23 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Sep 2021 11:23 PM IST
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Ilegal money taken on Soghi
बागवानी मंत्री के आदेश ठेंगे पर, एपीएमसी प्रति पेटी वसूल रहा है तीन रुपये
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क्रॉसर
मंडियों में दाम सही न मिलने से भी आहत हैं बागवानों
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के आश्वासन के बाद भी बागवानों से कृषि
उपज विपणन समिति शिमला एवं किन्नौर (एपीएमसी) की अवैध वसूली बदस्तूर जारी है। एपीएमसी के शोघी चेक पोस्ट पर बाहरी राज्यों में सेब बेचने के लिए ले जाने वाले बागवानों से 3 रुपये प्रति पेटी अवैध वसूली की जा रही है।
मंडियों में सेब को सही दाम न मिलने से परेशान बागवान एपीएमसी की अवैध वसूली से खासे आहत हैं। संयुक्त किसान मंच ने 3 सितंबर को ठियोग में बागवानी मंत्री का घेराव करने के बाद यह मुद्दा उठाया था जिस पर मंत्री ने अवैध वसूली बंद करने का आश्वासन दिया था। ठियोग के संधू निवासी बागवान जोगेंद्र ठाकुर ने बताया कि 7 सितंबर को 400 पेटियां लोड कर ट्रक पंचकूला भेजा था। बैरियर पर बिल्टी दिखाने के बावजूद जबरन 1200 रुपये वसूल लिए गए। चालान बिल्टी में बागवान का पूरा नाम पता और कांटेक्ट नंबर होने के बावजूद अवैध वसूली की गई।
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बाघो निवासी बागवान हेमंत सिंह ने भी 400 पेटी सेब चंडीगढ़ भेजा था। इस गाड़ी की भी 1200 रुपये की पर्ची काटी गई। ठियोग के ही बागवान नारायण सिंह ने 8 सितंबर को 180 पेटी और कुलदीप ने 237 पेटी सेब पंचकूला भेजी जिसकी क्रमश: 540 और 711 रुपये की पर्ची काटी गई। ठियोग के अधिवक्ता मदन सिंह ने बताया कि उन्होंने 117 और 193 पेटियों के दो लॉट चंडीगढ़ भेजे थे जिसकी 930 रुपये की पर्ची काटी है। बागवान मंडियों में उपज के सही दाम न मिलने से परेशान हैं और रही सही कसर यह अवैध वसूली से पूरी हो रही है।
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खरीदारों से वसूली जाती है मार्केट फीस
सेब खरीद के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले कारोबारियों से एपीएमसी चेक पोस्ट पर 3 रुपये प्रति पेटी मार्केट फीस वसूलता है। स्थानीय बागवान यदि अपनी उपज बाहर भेजते हैं तो किसान पासबुक, किसान क्रेडिट कार्ड, उद्यान कार्ड अथवा पटवारी या पंचायत प्रधान के प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी दिखाने पर मार्केट फीस नहीं वसूली जाती। बावजूद इसके चेक पोस्ट पर तैनात कर्मी मनमानी कर रहे हैं।
वर्ष 2019 में विस में उठ चुका है मामला
वर्ष 2019 में ठियोग कुमारसैन के विधायक राकेश सिंघा ने विधानसभा में यह मामला उठाया था। सरकार के निर्देशों के बाद वर्ष 2020 में अवैध वसूली बंद हुई लेकिन इस साल फि र से कर्मचारी मनमानी पर उतर आए हैं। संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान ने कहा कि किसानों से किसी भी बैरियर पर एपीएमसी द्वारा टैक्स लेना गैर कानूनी है। बार-बार सरकार और एपीएमसी से इस बारे में शिकायत करने के बावजूद किसानों से बैरियर पर अवैध वसूली की जा रही है। अब किसानों ने आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है।

वसूली की पुलिस में करें शिकायत : बंसल
कोई कर्मचारी अवैध वसूली कर रहा है तो इसकी पुलिस में शिकायत करें। एपीएमसी स्थानीय बागवानों से किसी प्रकार का टैक्स नहीं वसूलती। बागवानों को 5 में से किसी एक दस्तावेज की फोटो कॉपी दिखानी होती है। इसे लेकर बागवानों को जागरूक करने के लिए चेक पोस्ट पर बड़े होर्डिंग भी लगाए हैं।
-ओमप्रकाश बंसल, सचिव एपीएमसी शिमला एवं किन्नौर
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