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Shimla News: आईजीएमसी में पर्ची के लिए दस रुपये फीस वसूली शुरू
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अस्पताल की रोगी कल्याण समिति अब तक नहीं लेती थी शुल्क
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार करवाने आने वाले मरीजों को अब पर्ची बनवाने के लिए शुल्क देना होगा। अस्पताल में सोमवार से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। सोमवार को आए मरीजों से पर्ची बनवाने के 10 रुपये लेने की प्रक्रिया शुरू की गई।
अभी तक अस्पताल की रोगी कल्याण समिति ने रोजाना आने वाले मरीजों को निशुल्क पर्ची बनाने की सुविधा दी थी। अब रोगी कल्याण समिति को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और पर्ची से प्राप्त राशि का उपयोग रोगियों के कल्याण के लिए खर्च करने के उद्देश्य से यह शुल्क लिया जाने लगा है।
आईजीएमसी के अलावा शहर के डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी, चमियाना में भी रोगी कल्याण समिति मरीजों से पर्ची बनाने के लिए 10 रुपये लेती है। अब आईजीएमसी अस्पताल ने भी यह व्यवस्था लागू कर दी है।
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अस्पताल प्रशासन और रोगी कल्याण समिति ने एक विभाग की ओपीडी में आगामी 15 दिनों तक पर्ची बनाने पर शुल्क न लेने का निर्णय लिया है, ताकि मरीजों को थोड़ी राहत मिल सके। लेकिन अन्य विभागों में इसी अवधि के दौरान पर्ची बनवाने पर 10 रुपये का तय शुल्क देना होगा।
प्रदेश सरकार ने अन्य अस्पतालों में पर्ची शुल्क के मामले पर कोई आदेश नहीं जारी किए हैं, लेकिन स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल की स्थानीय रोगी कल्याण समिति अपने स्तर पर सुविधाओं, रखरखाव और साफ-सफाई आदि के खर्च के लिए पर्ची शुल्क लेने का निर्णय ले सकती है।
आईजीएमसी में रोगी कल्याण समिति और ईसी के प्रस्ताव की मंजूरी के बाद प्रति पर्ची दस रुपये शुल्क लेना शुरू किया गया है। इस पैसे को रोगी कल्याण समिति अस्पताल में दी जाने वाली सुविधाओं और रूटीन खर्च पूरे करने पर खर्च किया जाएगा।
-डाॅ. राहुल राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार करवाने आने वाले मरीजों को अब पर्ची बनवाने के लिए शुल्क देना होगा। अस्पताल में सोमवार से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। सोमवार को आए मरीजों से पर्ची बनवाने के 10 रुपये लेने की प्रक्रिया शुरू की गई।
अभी तक अस्पताल की रोगी कल्याण समिति ने रोजाना आने वाले मरीजों को निशुल्क पर्ची बनाने की सुविधा दी थी। अब रोगी कल्याण समिति को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और पर्ची से प्राप्त राशि का उपयोग रोगियों के कल्याण के लिए खर्च करने के उद्देश्य से यह शुल्क लिया जाने लगा है।
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आईजीएमसी के अलावा शहर के डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी, चमियाना में भी रोगी कल्याण समिति मरीजों से पर्ची बनाने के लिए 10 रुपये लेती है। अब आईजीएमसी अस्पताल ने भी यह व्यवस्था लागू कर दी है।
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अस्पताल प्रशासन और रोगी कल्याण समिति ने एक विभाग की ओपीडी में आगामी 15 दिनों तक पर्ची बनाने पर शुल्क न लेने का निर्णय लिया है, ताकि मरीजों को थोड़ी राहत मिल सके। लेकिन अन्य विभागों में इसी अवधि के दौरान पर्ची बनवाने पर 10 रुपये का तय शुल्क देना होगा।
प्रदेश सरकार ने अन्य अस्पतालों में पर्ची शुल्क के मामले पर कोई आदेश नहीं जारी किए हैं, लेकिन स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल की स्थानीय रोगी कल्याण समिति अपने स्तर पर सुविधाओं, रखरखाव और साफ-सफाई आदि के खर्च के लिए पर्ची शुल्क लेने का निर्णय ले सकती है।
आईजीएमसी में रोगी कल्याण समिति और ईसी के प्रस्ताव की मंजूरी के बाद प्रति पर्ची दस रुपये शुल्क लेना शुरू किया गया है। इस पैसे को रोगी कल्याण समिति अस्पताल में दी जाने वाली सुविधाओं और रूटीन खर्च पूरे करने पर खर्च किया जाएगा।
-डाॅ. राहुल राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी