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आईजीएमसी में महंगा हुआ इलाज, फ्री नहीं होंगे ये टेस्ट, स्पेशल वार्ड का किराया भी बढ़ा

Tue, 27 Nov 2018 05:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 27 Nov 2018 05:00 AM IST
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IGMC Shimla hike rates for special ward and hepatitis tests

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में फ्री होने वाले हेपेटाइट्सि टेस्ट के लिए अब मरीजों को पैसे खर्च करने होंगे। हेपेटाइटिस से जुड़े एंटीएचसीबी इलाइजा टेस्ट के लिए अस्पताल में दो सौ रुपये फीस वसूली जाएगी। यह फैसला सोमवार को अस्पताल गवर्निंग बॉडी की रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक में फैसला लिया गया। इसके अलावा स्पेशल वार्ड की दरें भी बढ़ा दी हैं।

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सिंगल रूम का एक दिन का किराया 1500 रुपये वसूला जाएगा। वीआईपी रूम का किराया 2000 रुपये रहेगा। इसके अलावा ग्रेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में मरीजों के होने वाले फाइब्रोस्कैन टेस्ट 300 रुपये में ही होगा और अन्य दस प्रकार के स्पेशल टेस्ट पीजीआई की तर्ज पर आईजीएमसी में किए जाने का फैसला लिया गया। अस्पताल में अब एक लाख से ऊपर की खरीददारी ई टेंडर के जरिये ही होगी। इसके अलावा अस्पताल में अकाउंटेंट के खाली पद को भरने पर भी चर्चा की गई।

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IGMC Shimla hike rates for special ward and hepatitis tests
स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार

बैठक की अध्यक्षता समिति के चेयरमैन एवं स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने की। वाइस चेयरमैन एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान, महापौर कुसुम सदरेट, प्रिंसिपल डॉ. रविचंद शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज और चिकित्सा उप अधीक्षक डॉ. राहुल भी इस दौरान मौजूद रहे। ‘अमर उजाला’ अखबार ने सोमवार के अंक में रोगी कल्याण समिति के एजेंडे को लेकर खुलासा कर दिया था। सोमवार को हुई बैठक में इसमें मुहर भी लग गई।

सुबह 11:04 बजे बैठक शुरू हुई। इसमें स्पेशल वार्ड के रेट को दोगुना करने पर चरचा की गई। बैठक में मौजूद सदस्य दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया कि इसे बढ़ाना तर्कसंगत नहीं है। ऑर्थो के कई ऐसे मरीज होते हैं जिन्हें काफी समय तक अस्पताल में दाखिल रहने को कहा जाता है। ऐसे में स्पेशल वार्ड के रेट बढ़ाएंगे तो इन मरीजों पर दोगुना बोझ पड़ेगा।

हालांकि कुछ सदस्य रेट बढ़ाने को लेकर प्रबंधन के पक्ष में थे। लेकिन सदस्य के दबाव में आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने बीच में हस्तक्षेप किया और कहा कि रेट कम हो। इसके बाद सहमति बनाकर रेट स्पेशल वार्ड के रेट में पांच सौ रुपये की कमी की गई। पहले एक कमरे का किराया दो हजार रुपये करने की वकालत की जा रही थी।

महापौर मैडम लेंगी एक्शन

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आईजीएमसी का मुख्य गेट अस्पताल का आइना है। लेकिन इस गेट के सामने अंडे बेचने वाले, फल और गचक तथा सिम बेचने वाले वेंडर से अस्पताल की साख खराब हो रही है। बैठक में आरकेएस के सदस्य मदन शर्मा ने आग्रह किया इन्हें यहां से हटाया जाए ताकि यहां का वातावरण खराब न हो।

सदस्य की बात सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महापौर मैडम सुन लीजिए आप ही इस पर एक्शन लेंगी। मंत्री की बात सुनने के बाद महापौर कुसुम सदरेट ने उन्हें हटाने तथा एक्शन लेने की बात बैठक में कही।

तीन फीसदी बढ़ेगा दुकानों का किराया
आईजीएमसी में खुली सिविल सप्लाई की दुकानों का किराया तीन फीसदी बढ़ाने का भी फैसला लिया गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान ने पूछा कि अस्पताल की आरकेएस का इनकम सोर्स क्या है, तो सदस्यों ने कहा कि अस्पताल में सालों से खुली दवाइयों की दुकानों का किराया नहीं बढ़ा है। इस पर तीन फीसदी रेट विद जीएसटी बढ़ाने की सहमति बनी।

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आईजीएमसी में शुरू होगी किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा

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आईजीएमसी में अगले साल मार्च माह से किडनी और कोर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू हो जाएगी। अभी तक किडनी के मरीजों को ट्रांसप्लांट के लिए पीजीआई या दूसरे निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। इसका भारीभरकम खर्चा आता है। लेकिन यह सुविधा अगर आईजीएमसी में शुरू हो जाती है तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी।

आरकेएस की बैठक में यह सुविधा जल्द शुरू करने का आश्वासन स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने दिया। इसके अलावा आरकेएस की बैठक में कमला नेहरू अस्पताल में आईवीएफ विधि से उपचार करवाने की भी बात कही। आईवीएफ तकनीक के जरिये कृत्रिम गर्भधारण करवाया जाता है। इससे ऐसे दंपतियों को फायदा होगा जिनकी कोई औलाद नहीं है। 

अस्पताल के विभिन्न वार्डों के लिए 300 सेमी फाउलर बेड खरीदने का भी प्रस्ताव पारित किया। स्वास्थ्य मंत्री ने इन्हें जल्द खरीदने को कहा है। अस्पताल में तीन ईसीजी मशीनें और सिग्नल बूस्टर लगाने की बात भी कही। इससे अस्पताल के सिग्नल में सुधार होगा।

आईजीएमसी में कान टेस्ट करने वाले आडियोलॉजिस्ट की कमी से मरीजों को परेशानी पेश आ रही है। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस पोस्ट को जल्द भरा जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि जनऔषधि केंद्र के लिए अच्छी कंपनी से दवाएं तथा सस्ती दरों पर मरीजों को मुहैया करवाएं। 

आरकेएस कर्मियों का डीए 119 से 140 फीसदी बढ़ाया 
आईजीएमसी में आरकेएस के तहत भर्ती किए कर्मचारियों का डीए 119 से 140 फीसदी बढ़ा दिया है। अस्पताल में आरकेएस के तहत 37 कर्मचारी भर्ती हैं। इनमें से 90 फीसदी कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी के हैं। यह वह कर्मचारी हैं जोकि अस्पताल में 2002 से भर्ती हैं।

अस्पताल में रोजाना हजारों मरीजों के लिए खाना बनाने के लिए अब एक नियमित डाइटिशियन की नियुक्ति होगी। दो सालों से यह पद खाली पड़ा है। हालांकि प्रबंधन ने आनन फानन में आउटसोर्स के तहत डाइटिशियन तैनात कर रखा है।

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