आईजीएमसी चिल्ड्रन वार्ड में 5 दिन में 3 बच्चों की मौत
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आईजीएमसी अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में पांच दिन के भीतर तीन बच्चों की मौत हो गई। वेंटिलेटर पर रखे बच्चों की मौत से अस्पताल में हड़कंप मचा हुआ है। वार्ड में भर्ती अन्य बच्चों के अभिभावक खौफ में है। चिल्ड्रन वार्ड में एक बेड पर दो-दो बच्चों को रखा है। इससे बच्चों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
बुखार और जुकाम सहित गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को एक साथ रखने से अस्पताल प्रबंधन की कार्य प्रणाली सवालों के घेरे में है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन व्यवस्था दुरुस्त होने के दावे कर रहा है लेकिन तीन बच्चों की मौत ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आईजीएमसी अस्पताल की नई बिल्डिंग की चौथी मंजिल में चिल्ड्रन वार्ड है।
यहां 60 बेड लगाए हैं लेकिन 100 से अधिक बच्चे भर्ती हैं। चिल्ड्रन वार्ड का आईसीयू जून 2013 में शुरू हुआ था। आईसीयू में आठ बेड हैं लेकिन यहां भी दो-दो बच्चों को रखा जा रहा है। जगह की कमी के चलते आईजीएमसी अस्पताल प्रबंधन को यह व्यवस्था करनी पड़ी है।
एक बेड पर तीन तीन बच्चे
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की बीमारियों के सीजन के दौरान एक बेड पर तीन-तीन बच्चे भी रखने पड़ते हैं। स्क्रब टायफस बीमारी के दौरान बच्चों की संख्या बहुत अधिक बढ़ जाती है। प्रदेश भर से बच्चों को उपचार के लिए यहां रेफर कर लाया जाता है। बच्चों में संक्रमण के मामले बढ़ने का यही बड़ा कारण है।
आईजीएमसी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश का कहना है कि अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में बेड संख्या बढ़ाई जा रही है। जगह का चयन हो गया है। जल्द ही 18 से 20 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था करेंगे।
आईजीएमसी के बाल रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डा. नीलम ग्रोवर ने बताया कि बीते वेंटिलेटर पर रखे तीन बच्चों की मौत हुई है। तीन बच्चे गंभीर हालत में अस्पताल में लाए थे। बच्चों को बचाने के भरसक प्रयास किए लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
प्रदेश भर से आईजीएमसी में बच्चे आते हैं। तीन डाक्टर 24 घंटे आईसीयू में ड्यूटी देते हैं। नर्स और अन्य स्टाफ भी तैनात रहता है। वेंटिलेटर का 60 प्रतिशत सरवाइवल रेट है।
आईजीएमसी के चिल्ड्रन वार्ड में चौपाल के डीआर शर्मा का भतीजा यश (14) 16 अप्रैल से भर्ती है। यश के पिता सीताराम शर्मा स्कूल टीचर हैं। चाचा डीआर शर्मा ने बताया कि 14 अप्रैल की शाम को यश को बुखार आया। 16 अप्रैल की शाम को वे आईजीएमसी पहुंचे जहां उसे भर्ती कर लिया गया।