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अब सिक्योरिटी गार्ड दर्ज करेगा मरीजों की शिकायतें
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आईजीएमसी प्रबंधन ने की नई व्यवस्था, शिकायत में मरीज को मोबाइल नंबर भी देना होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आईजीएमसी में इलाज करवाने आने वाले मरीजों की उपचार संबंधी शिकायत अब सिक्योरिटी गार्ड के पास दर्ज होगी। मरीजों की शिकायतों के निपटारे के लिए अस्पताल प्रबंधन ने पहली बार यह सुविधा शुरू की है।
प्रबंधन ने सुरक्षा कर्मियों को शिकायत पुस्तिका उपलब्ध करवा दी है। शिकायत के लिए मरीज पहले सिक्योरिटी गार्ड के पास जाएगा और शिकायत पुस्तिका में अपनी शिकायत दर्ज करवाएगा। इस दौरान मरीज को अपना मोबाइल नंबर भी देना होगा। अस्पताल में इससे पहले मरीजों को शिकायत करने के लिए भटकना पड़ता था। कई बार मरीज की शिकायत प्रबंधन तक पहुंचती ही नहीं थी पर अब ऐसा नहीं होगा। शिकायत दर्ज होने के बाद आईजीएमसी के प्राचार्य और एमएस इसका निपटारा करेंगे। यह शिकायत सिक्योरिटी गार्ड प्रबंधन तक पहुंचाएगा। आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने इस बात की पुष्टि की है।
आईजीएमसी में रोजाना 25 सौ से अधिक की ओपीडी होती है। ओपीडी में भारी भीड़ के कारण और कई मर्तबा डॉॅॅक्टर तथा मरीजों की आपस में बहस तक हो जाती है। ऐसी स्थिति वार्डों में भी आती है। ऐसे में दोनों पक्षों की बात को लेकर ठोस सुबूत न होने के कारण मामले पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। लेकिन अब प्रबंधन ने मरीजों को शिकायत पुस्तिका संबंधी सुविधा शुरू की है।
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वैकल्पिक मार्ग का करें इस्तेमाल
कार्ट रोड से आईजीएमसी के कैंसर अस्पताल स्थित कीमोथैरेपी डे केयर सेंटर की ओर आने वाला संपर्क मार्ग पक्का किया जाएगा। 16 से 21 अक्तूबर तक यह कार्य चलेगा। आईजीएमसी के एमएस डॉ. जनक राज ने बताया कि इलाज के लिए आने वाले कैंसर मरीजों को इस दौरान वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आईजीएमसी में इलाज करवाने आने वाले मरीजों की उपचार संबंधी शिकायत अब सिक्योरिटी गार्ड के पास दर्ज होगी। मरीजों की शिकायतों के निपटारे के लिए अस्पताल प्रबंधन ने पहली बार यह सुविधा शुरू की है।
प्रबंधन ने सुरक्षा कर्मियों को शिकायत पुस्तिका उपलब्ध करवा दी है। शिकायत के लिए मरीज पहले सिक्योरिटी गार्ड के पास जाएगा और शिकायत पुस्तिका में अपनी शिकायत दर्ज करवाएगा। इस दौरान मरीज को अपना मोबाइल नंबर भी देना होगा। अस्पताल में इससे पहले मरीजों को शिकायत करने के लिए भटकना पड़ता था। कई बार मरीज की शिकायत प्रबंधन तक पहुंचती ही नहीं थी पर अब ऐसा नहीं होगा। शिकायत दर्ज होने के बाद आईजीएमसी के प्राचार्य और एमएस इसका निपटारा करेंगे। यह शिकायत सिक्योरिटी गार्ड प्रबंधन तक पहुंचाएगा। आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने इस बात की पुष्टि की है।
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आईजीएमसी में रोजाना 25 सौ से अधिक की ओपीडी होती है। ओपीडी में भारी भीड़ के कारण और कई मर्तबा डॉॅॅक्टर तथा मरीजों की आपस में बहस तक हो जाती है। ऐसी स्थिति वार्डों में भी आती है। ऐसे में दोनों पक्षों की बात को लेकर ठोस सुबूत न होने के कारण मामले पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। लेकिन अब प्रबंधन ने मरीजों को शिकायत पुस्तिका संबंधी सुविधा शुरू की है।
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कार्ट रोड से आईजीएमसी के कैंसर अस्पताल स्थित कीमोथैरेपी डे केयर सेंटर की ओर आने वाला संपर्क मार्ग पक्का किया जाएगा। 16 से 21 अक्तूबर तक यह कार्य चलेगा। आईजीएमसी के एमएस डॉ. जनक राज ने बताया कि इलाज के लिए आने वाले कैंसर मरीजों को इस दौरान वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना होगा।