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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   If corona testing not at war level in Himachal than death rate will increase: high court

हाईकोर्ट ने कहा- हिमाचल में युद्ध स्तर पर कोरोना टेस्ट नहीं किए तो बढ़ेगी मृत्यु दर

Tue, 25 May 2021 08:16 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 25 May 2021 08:16 PM IST
सार

हिमाचल हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक आरटी पीसीआर टेस्ट करवाए जाएंगे, तब तक इन्क्यूबेशन पीरियड बढ़ जाएगा और स्थिति ऐसी भयावह हो जाएगी कि सरकार के नियंत्रण में ही नहीं रहेगी। 

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If corona testing not at war level in Himachal than death rate will increase: high court
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कोरोना संक्रमण के चलते चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने की मांग पर एक जनहित याचिका की  सुनवाई के दौरान कहा कि प्रदेश में कोविड टेस्ट युद्ध स्तर पर नहीं करवाए गए तो मृत्यु दर बढ़ जाएगी। मुख्य न्यायाधीश एल नारायण स्वामी और न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार ने बताया कि आरटी पीसीआर टेस्ट औसतन 14 हजार प्रतिदिन करवाए गए हैं, जबकि सोमवार को 11 हजार टेस्ट किए गए।

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इस पर कोर्ट ने कहा कि यदि युद्ध स्तर पर यानी 20 से 30 हजार तक टेस्ट प्रतिदिन नहीं करवाए, तो मृत्यु दर अनुपात बढ़ जाएगा। जब तक आरटी पीसीआर टेस्ट करवाए जाएंगे, तब तक इन्क्यूबेशन पीरियड बढ़ जाएगा और स्थिति ऐसी भयावह हो जाएगी कि सरकार के नियंत्रण में ही नहीं रहेगी। कोर्ट ने सरकार का पक्ष सुनने पर पाया कि प्रदेश सरकार को फिर से कोरोना के विरुद्ध लड़ाई तेज करनी होगी।  
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सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि राज्य सरकारों को आदेश जारी कर सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को 30 बिस्तरों वाले ऑक्सीजन सुविधा युक्त आईसीयू अस्पताल में तब्दील करने को कहा है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि राज्य सरकार बताए कि पीएचसी को ऑक्सीजन सुविधा युक्त आईसीयू अस्पताल में तब्दील करने में अभी तक क्या कदम उठाए?   कोर्ट ने सरकार की ओर से हाल ही में करीब 1000 बेड की क्षमता वाले ऑक्सीजन सुविधा युक्त मेकशिफ्ट अस्पताल बनाने की प्रशंसा भी की। फिर भी कोर्ट ने कहा कि सभी पीएचसी को विकेंद्रीकृत आईसीयू अस्पताल में तब्दील करना समय की जरूरत है। 
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कुल्लू-लाहौल के अस्पतालों में आईसीयू युक्त बेड़ ने होने पर मांगा स्पष्टीकरण
सुनवाई के दौरान सरकार ने कोर्ट को बताया कि कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में हॉस्पिटल तो हैं, पर आईसीयू युक्त बेड नहीं हैं। इस पर कोर्ट ने इन दोनों जिलों के बारे में अगली सुनवाई तक सरकार से स्पष्टीकरण भी मांगा है। कोर्ट ने मामले पर एक जून को सुनवाई निर्धारित की है। 

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