वीडियोः बर्फ के बीच इंदिरा ने की ये घोषणा
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हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच हिमाचल को पूर्ण राज्यत्व का अधिकार मिला था। 25 जनवरी, 1971 को बर्फ के फाहों के बीच देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने शिमला के रिज मैदान से ऐलान किया था मैं तो प्रदेश के लोगों को केवल शुभकामनाएं देने आई हूं।
लोगों ने जिस साहस और बहादुरी से प्रदेश को मजबूत करने का काम किया है, वह अपने आप में मिसाल है। उन्होंने उसी मंच से यह उम्मीद जताई थी कि भविष्य में लोग मेहनत और जज्बे से प्रदेश को आगे ले जाने का कार्य करेंगे।'
इंदिरा गांधी के इस ऐलान का 30 मिनट का वीडियो फुटेज आज भी मौजूद है। इसमें हिमाचल को पूर्ण राज्यत्व का दर्जा देने की घोषणा से लोगों में जबरदस्त उत्साह नजर आता है।
हिमाचल को बनाने में परमार का सराहनीय योगदान
कड़ाके की सर्दी के बीच भी प्रदेश भर की जनता इंदिरा को सुनने के लिए पहुंची थी। इस राज्य को बनाने में स्वतंत्रता सेनानी और सिरमौर के रहने वाले पूर्व मंख्यमंत्री एवं हिमाचल निर्माता डा. वाईएस परमार की भूमिका महत्वपूर्ण थी।
न्हीं के प्रयासों से हिमाचल देश का 18वें राज्य के तौर पर उभरकर सामने आया था। पूर्ण राज्यत्व बनने के बाद डा. वाईएस परमार ही पहले मुख्यमंत्री बने थे। इससे पहले भी वह केंद्र शासित प्रदेश के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रह चुके थे।
1948 को बन गया था हिमाचल
हिमाचल प्रदेश का गठन 15 अप्रैल, 1948 को किया गया था। उस समय प्रदेश को चार जिलों में बांटा गया था। इस साल सोलन के नालागढ़ रियासत को भी शामिल किया गया। 27000 वर्ग किलोमीटर में फैली 30 रियासतों को मिलाकर इसे केंद्र शासित राज्य बनाया गया था। बाद में कई बार इसका पुनर्गठन किया गया।
1971 के बाद बने ये जिले
पूर्ण राज्यत्व बनने के बाद एक नवंबर 1972 को कांगड़ा के तीन जिले बनाए गए, जिसमें कांगड़ा, हमीरपुर और ऊना थे। महासू क्षेत्र से सोलन जिला बनाया गया।
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