अब इक्डोल से होगा एमए एजूकेशन कोर्स
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एनसीटीई की गाइडलाइन के बाद इक्डोल से एमएड को खत्म कर दिया गया है। ऐसे में यह खबर उन छात्रों के लिए राहत भरी है, जिन्होंने बीएड तो की है लेकिन वे नियमित एमएड नहीं कर पा रहे हैं।
स्नातक की पढ़ाई करने के बाद भी इस कोर्स को किया जा सकता है। हालांकि, तब इसकी मान्यता एमए एजूकेशन के बराबर ही रहेगी। बीएढ के छात्र यदि इस कोर्स को करते हैं तो इसे एमएड के समकक्ष ही माना जाएगा।
इक्डोल ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। कुलपति की ओर से इसे हरी झंडी प्रदान कर दी गई है। कोर्स शुरू करने की तैयारियां समय से पूरी हुई तो नए सत्र से ही एमए एजूकेशन शुरू किया जा सकता है।
एमए एजूकेशन करने पर डिग्री एमएड के बराबर हो जाएगी। इस नए कोर्स के लिए किसी भी संकाय में स्नातक डिग्री धारक पात्र होंगे, मगर बीएड कर चुके छात्रों के लिए इसका फायदा अधिक मिलेगा। विश्वविद्यालय 1976 में भी एमए एजूकेशन कोर्स करवाता था, मगर एमएड डिग्री शुरू करने पर इसे बंद कर दिया गया था।
कुलपति ने कोर्स शुरू करने की दी मंजूरी
इक्डोल प्रशासन इस कोर्स को शुरू करने की सभी संभावनाओं को तलाशने में जुट गया है। इस मामले को जल्द डीन कमेटी में ले जाने की तैयारी की जा रही है।
उसके बाद ही फीस और पात्रता आदि की शर्तें और इसे नए सत्र से शुरू करने पर फैसला लिया जाना है। हालांकि, कुलपति ने कोर्स को शुरू करने को हरी झंडी दे दी है।
कोर्स शुरू करने की संभावनाएं: प्रो.कौंडल
विवि के इक्डोल निदेशक प्रो. रमेश कौंडल ने माना कि एमएड कोर्स के इक्डोल से बंद किए जाने के बाद अब एमए एजूकेशन कोर्स शुरू करने की संभावनाएं तलाशी जा रही है।
कोर्स को एनसीटीई की गाइडलाइन के मुताबिक सीबीसीएस के जरिये ही शुरू किया जाना है। कोर्स शुरू होने से बीएड कर चुके छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। स्नातक के बाद भी छात्र इस कोर्स को कर सकेंगे।