निजी कंपनी में नौकरी के लिए IAS ने मांगी 3 साल छुट्टी
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प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अफसर विनीत चौधरी की छुट्टी लेकर निजी कंपनी में नौकरी करने के आवेदन की फाइल नई दिल्ली भेज दी गई है। हिमाचल सरकार के कार्मिक महकमे ने अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य के आवेदन को केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा है। आईएएस अफसर विनीत चौधरी ने तीन साल की राज्य सरकार के पास एक्सट्रा ऑर्डिनरी लीव के लिए आवेदन किया था।
आवेदन में विनीत चौधरी ने बताया कि उन्हें फिलिप्स कंपनी में 1.10 करोड़ का पैकेज मिल रहा है। उन्हें तीन साल के लिए एक्सट्रा ऑर्डिनरी लीव पर जाने की मंजूरी दी जाए। कार्मिक महकमे ने मुख्यमंत्री से इस मामले पर सैद्धांतिक मंजूरी लेने के बाद केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी के लिए भेज दिया है।
पत्नी उपमा चौधरी भी वरिष्ठ आईएएस
30 सितंबर 2018 को विनीत चौधरी की सेवानिवृत्ति है। विनीत चौधरी साल 1982 कैडर के आईएएस हैं। हिमाचल के आईएएस अफसरों की वरिष्ठता सूची में विनीत चौधरी का पांचवां नंबर है। अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक तरुण श्रीधर ने आवेदन की फाइल भारत सरकार को भेजने की पुष्टि की है।
विनीत चौधरी की पत्नी उपमा चौधरी भी हिमाचल में आईएएस अफसर हैं। 1983 कैडर की अफसर उपमा चौधरी का आईएएस अफसरों की वरिष्ठता सूची में छठा नंबर है। अतिरिक्त मुख्य सचिव उपमा चौधरी के पास कृषि, पशुपालन और मत्स्य विभाग हैं।
आवेदन पर सीएम ने जताई हैरानी
सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अधिकारी यूएन मिशन, ट्रेनिंग के लिए अवकाश लेते थे लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि प्राइवेट फर्म में जाने के लिए ज्वाइन करने का आवेदन आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि
सरकार को सक्षम अधिकारियों की जरूरत है। हालांकि, जरूरत के हिसाब से सरकार मंजूरी दे सकती है। उधर, आईएएस अधिकारी दीपक सानन के चार्जशीट वापस लेने के मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मामले को अभी देखा नहीं है।