यहां गुजरा है हिमाचल के नए मुख्य सचिव का बचपन
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फतेहगढ़ रंगसाजान मोहल्ले के परिषदीय स्कूल में पढ़ने वाले आईएएस बीके अग्रवाल के हिमाचल प्रदेश का मुख्य सचिव बनने से जिले के लोगों में खुशी का माहौल है। अब उनके परिवार के सभी लोग बाहर शिफ्ट हो चुके हैं लेकिन यहां मौजूद रिश्तेदारों ने बीके अग्रवाल के गुजरे बचपन की चर्चाएं कीं।
बीके अग्रवाल के पिता फतेहगढ़ के मोहल्ला संगत के कृष्ण मुरारी लाल अग्रवाल कस्टम विभाग में इंस्पेक्टर थे। उनकी पत्नी सत्यवती अग्रवाल फर्रुखाबाद स्थित एनएकेपी इंटर कालेज में शिक्षिका थीं। बड़े भाई राजीव अग्रवाल इनकम टैक्स कमिश्नर रह चुके हैं। अब वह सेबी में मुंबई में तैनात हैं।
बीके अग्रवाल ने कक्षा दो तक की पढ़ाई मोहल्ला रंगसाजान स्थित परिषदीय स्कूल में की थी। इसके बाद इनका दाखिला डीआईओएस कार्यालय परिसर स्थित नार्मल स्कूल में करा दिया गया था। वहां उन्होंने कक्षा आठ तक शिक्षा हासिल की। कक्षा नौ में बीके अग्रवाल का दाखिला फर्रुखाबाद स्थित क्रिश्चियन इंटर कालेज में करा दिया गया था।
हाईस्कूल उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने कक्षा 11 में फतेहगढ़ स्थित राजकीय इंटर कालेज में दाखिला ले लिया। वहां से इंटरमीडिएट करने के बाद रुड़़की से बीटेक सिविल इंजीनियरिंग, आईआईटी दिल्ली में पढ़ाई की। इग्नू से एमबीए और पंजाब टेक्नीकल विश्वविद्यालय से एमफिल की डिग्री हासिल की। वह हिमाचल प्रदेश में दो जिलों में डीएम भी रहे।
बीके अग्रवाल का बेटा अंशुमेश फ्रांस में इंजीनियर है। बेटी हिमांशी एमबीए कर चुकी है। पत्नी साधना हैं। संगत मोहल्ला स्थित उनके मकान में इन दिनों ताला पड़ा है। उनके पड़ोसी अरविंद उर्फ पप्पू वाजपेयी ने बताया कि अब बीके अग्रवाल के परिवार का कोई यहां नहीं रहता है। सभी लोग शिमला व मुंबई में शिफ्ट हो गए हैं।