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Shimla: जल विद्युत परियोजनाओं ने वाटर सेस के तौर पर जमा किए 25 करोड़ रुपये
Sat, 14 Oct 2023 12:17 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 14 Oct 2023 12:17 PM IST
सार
सरकार की सख्ती के बाद अब निजी जल विद्युत परियोजनाओं ने भी जल उपकर जमा कराना शुरू कर दिया है। पांच निजी परियोजनाओं ने आयोग के पास करीब पांच करोड़ जल उपकर की राशि जमा कराई है।
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जल विद्युत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल सरकार की सख्ती के बाद अब निजी जल विद्युत परियोजनाओं ने भी जल उपकर जमा कराना शुरू कर दिया है। पांच निजी परियोजनाओं ने आयोग के पास करीब पांच करोड़ जल उपकर की राशि जमा कराई है। वहीं, सरकारी उपक्रम की 23 परियोजनाओं ने करीब 20 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। अब तक आयोग के पास 28 परियोजनाओं से वाटर सेस जमा हुआ है। आयोग ने जल उपकर जमा न कराने वाली निजी जल परियोजनाओं को नोटिस जारी किए हैं। इन्हें 25 अक्तूबर तक पैसा जमा कराने को कहा है। अगर ऐसा नहीं होता है तो आयोग की ओर से कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हिमाचल में 173 जल विद्युत परियोजनाएं हैं।
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इन परियोजनाओं को आयोग की ओर से वाटर सेस बिल जारी हुए हैं। इसके बाद ही पावर कॉरपोरेशन ने करीब बीस करोड़, जबकि पांच निजी जल विद्युत परियोजनाओं ने 5 करोड़ तक की राशि जमा कराई है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने जल विद्युत परियोजनाओं से लिए जाने वाले वाटर सेस (जल उपकर) की दरें आधी की हैं। प्रदेश की आर्थिकी को पटरी पर लाने के लिए ऊर्जा उत्पादकों पर वाटर सेस लगाने का फैसला लिया गया है। पहले सरकार ने प्रति घन मीटर 0.10 रुपये से 0.50 रुपये तक वाटर सेस वसूलने का फैसला लिया था, अब इसे घटाकर प्रति घन मीटर 0.06 से लेकर 0.30 रुपये प्रति घन मीटर किया गया है। वाटर सेस की दरें वसूल करने के लिए अलग-अलग टैरिफ बनाया गया है।
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