शिमला शहर: असुरक्षित भवनों में रह रहे हैं सैकड़ों लोग, ये है बड़ी वजह
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राजधानी में सैकड़ों लोग अनसेफ भवनों में रह रहे हैं। यह भवन कभी भी ढह सकते हैं, लेकिन लोग इन्हें खाली करने को तैयार नहीं। कई लोगों ने कोर्ट जाकर भवन खाली करने के निगम के आदेशों पर स्टे ले लिया है।
वहीं, 300 से ज्यादा भवन ऐसे हैं जो जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। ऐसे भवनों की पहचान करने के लिए नगर निगम मंगलवार से एक टीम फील्ड में उतारने जा रहा है। आर्किटेक्ट प्लानर की अगुवाई वाली टीम अगले दो दिन में रिपोर्ट तैयार करेगी कि कहां कितने मकान जर्जर हालत में हैं।
इसके बाद खतरनाक भवनों को अनसेफ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। टीम यह भी देखेगी कि अनसेफ घोषित हो चुके कितने भवन अभी खाली किए गए हैं। खाली न होने की स्थिति में निगम सख्ती भी बरत सकता है। कुमारहट्टी हादसे के बाद नगर निगम हरकत में आया है।
भवन अनसेफ, लेकिन खाली करने को तैयार नहीं
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अनिल शर्मा ने कहा कि मंगलवार से अनसेफ भवनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो जाएगी। शहरवासियों से अनसेफ भवन घोषित करने के लिए नौ आवेदन भी मिले हैं जिसके लिए 18 जुलाई को मौके का दौरा किया जाएगा।
निगम के अनुसार शहर में 40 भवन अनसेफ घोषित हो चुके हैं। इन्हें खाली करने के आदेश जारी हो चुके हैं लेकिन अभी भी आधे से ज्यादा भवनों में लोग रह रहे हैं। ज्यादातर भवनों में मालिकाना हक को लेकर कई लोगों में विवाद चल रहे हैं। ऐसे में लोग इन्हें छोड़ने को तैयार नहीं।
नियमानुसार निगम अनसेफ हो चुके भवनों को खाली करवाने के लिए पुलिस की मदद ले सकता है। लेकिन इस कार्रवाई से बचने के लिए लोग कोर्ट जाकर इन आदेशों पर स्टे ले रहे हैं। निगम प्रशासन का कहना है कि जिन लोगों ने स्टे ले लिया है, उन पर निगम कार्रवाई नहीं कर सकता।