जेनेरिक दवाइयां न लिखने वाले सैकड़ों डॉक्टरों पर गिरेगी गाज
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जेनेरिक दवाइयां न लिखने वाले डॉक्टरों पर गाज गिरना तय है। तपोवन में शीत सत्र के दूसरे दिन मीडिया से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सूबे के 400 डॉक्टरों को जेनेरिक दवाइयां न लिखने पर नोटिस जारी किए गए हैं।
विभागीय टीम सबूत जुटाने में लगी है। जो भी डॉक्टर, दवा विक्रेता और दवा निर्माण करने वाली कंपनी इस गोरखधंधे में शामिल होंगे, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेडिपर्सन एक्ट में संशोधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार शीत सत्र में इसमें संशोधन का प्रस्ताव लाएगी। इसमें डॉक्टर और स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार को गैर जमानती अपराध की श्रेणी से बाहर रखा जाएगा।
अभी नहीं बनेगा बल्क ड्रग पार्क
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अभी सरकार की बीबीएन में बल्क ड्रग हब बनाने की अभी कोई योजना नहीं है। भविष्य में इसकी संभावनाएं तलाशी जाएंगी। बता दें कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने बीबीएन से उद्योगों के पलायन को रोकने के साथ फार्मा हब नालागढ़ के ढेरोवाल के पास बनाने की योजना बनाई थी।
कांग्रेस सरकार ने जमीन चिह्नित करके प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। परमार ने कहा कि बद्दी में दवाइयों की गुणवत्ता जांचने के लिए टेस्टिंग लैब विकसित की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार से 30 करोड़ रुपये का बजट आया है। इसके अलावा कंडाघाट स्थित लैब का भी विस्तारीकरण किया जाएगा।