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एचआरटीसी से स्कूल टाइम पर चलाई 42 बसें
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क्षमता से अधिक बसें नहीं चलाएगा निगम
एक बस के लिए बनेंगे सिर्फ 45 बच्चों के पास
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो ने बुधवार से शहर के स्कूली बच्चों के लिए 42 चार्टर्ड स्कूल बसों का संचालन शुरू कर दिया। सुबह के समय बच्चों को घरों से स्कूल छोड़ने और छुट्टी के बाद स्कूल से घर छोड़ने के लिए बसें संचालित की गईं। करीब 6 और बसों का संचालन शुरू होना अभी बाकी है जिनके पास बन चुके हैं।
एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो इस शैक्षणिक सत्र में 48 बसों का बतौर चार्र्टर्ड स्कूल बस संचालन करेगा। तारादेवी डिपो की एक बस बतौर चार्र्टर्ड स्कूल बस चलेगी। एचआरटीसी प्रबंधन ने ऐसे रूटों पर जहां बस की क्षमता के अनुसार एक बस के लिए 45 पास बन चुके हैं अतिरिक्त पास बनाने बंद कर दिए हैं। हालांकि ऐसे रूटों पर जहां क्षमता से कम पास बने हैं नए पास बनाए जा रहे हैं। अतिरिक्त स्कूल बसों के लिए अभिभावकों की भारी मांग के चलते एचआरटीसी प्रबंधन को बसों का संचालन कठिन हो रहा है। क्षमता से अधिक बसें चलाने को निगम तैयार नहीं है।
महंगी हो गई स्कूल टैक्सी
एचआरटीसी की ओर से दो साल पुरानी दरों पर स्कूली बच्चों के चार्र्टर्ड स्कूल बस पास बनाए जा रहे हैं जबकि स्कूल टैक्सी ऑपरेटरों ने टैक्सी किराये में भारी बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में महंगाई की मार झेल रहे अभिभावक स्कूल टैक्सी के स्थान पर एचआरटीसी चार्र्टर्ड स्कूल बस से बच्चों को स्कूल भेजने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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एक बस के लिए बनेंगे सिर्फ 45 बच्चों के पास
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो ने बुधवार से शहर के स्कूली बच्चों के लिए 42 चार्टर्ड स्कूल बसों का संचालन शुरू कर दिया। सुबह के समय बच्चों को घरों से स्कूल छोड़ने और छुट्टी के बाद स्कूल से घर छोड़ने के लिए बसें संचालित की गईं। करीब 6 और बसों का संचालन शुरू होना अभी बाकी है जिनके पास बन चुके हैं।
एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो इस शैक्षणिक सत्र में 48 बसों का बतौर चार्र्टर्ड स्कूल बस संचालन करेगा। तारादेवी डिपो की एक बस बतौर चार्र्टर्ड स्कूल बस चलेगी। एचआरटीसी प्रबंधन ने ऐसे रूटों पर जहां बस की क्षमता के अनुसार एक बस के लिए 45 पास बन चुके हैं अतिरिक्त पास बनाने बंद कर दिए हैं। हालांकि ऐसे रूटों पर जहां क्षमता से कम पास बने हैं नए पास बनाए जा रहे हैं। अतिरिक्त स्कूल बसों के लिए अभिभावकों की भारी मांग के चलते एचआरटीसी प्रबंधन को बसों का संचालन कठिन हो रहा है। क्षमता से अधिक बसें चलाने को निगम तैयार नहीं है।
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महंगी हो गई स्कूल टैक्सी
एचआरटीसी की ओर से दो साल पुरानी दरों पर स्कूली बच्चों के चार्र्टर्ड स्कूल बस पास बनाए जा रहे हैं जबकि स्कूल टैक्सी ऑपरेटरों ने टैक्सी किराये में भारी बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में महंगाई की मार झेल रहे अभिभावक स्कूल टैक्सी के स्थान पर एचआरटीसी चार्र्टर्ड स्कूल बस से बच्चों को स्कूल भेजने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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