टल्ली होने वाले चालकों की आई शामत, जानिए कैसे?
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हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम ने तीन हजार बस चालकों के रूटों को नए सिरे से तय करने का निर्णय लिया है। यह कदम राज्य में लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने को लिया गया है।
एचआरटीसी प्रबंधन ने सभी मंडलीय प्रबंधकों और यूनिट अधिकारियों से ड्राइविंग प्रोटोकॉल बनाने से पहले तमाम ड्राइवरों का रिकार्ड तलब कर लिया है।
इस रिकार्ड की समीक्षा के बाद लापरवाह, बस चलाने में अयोग्य या स्वास्थ्य कारणों से काम न करने वाले ड्राइवरों को दूसरा काम दिया जाएगा। एचआरटीसी प्रबंधन ने यह कड़ा फैसला हाल ही में हुए बस हादसों के बाद लिया है।
एचआरटीसी में हैं 3100 ड्राइवर
वर्तमान में एचआरटीसी में लगभग 3100 चालक कार्यरत हैं। ये 2000 बसों को चला रहे हैं। यानी दो बसों पर तीन ड्राइवर लगाए गए हैं। इनमें कई ड्राइवर शराब का सेवन भी करते हैं। कुछ चालक ऐसे हैं, जिनके नाम दर्जनों छोटे-बडे़ हादसों का रिकार्ड दर्ज है।
ऐसे सभी चालकों का रिकार्ड 31 अगस्त से पहले मांगा गया है। इस पर समीक्षा के बाद ही नए सिरे से रूट तय होंगे। लंबे रूट उन्हीं चालकों को दिए जाएंगे, जिनका रिकार्ड अच्छा होगा। नई बसें भी अनुभवी ड्राइवरों के पास दी जाएंगी।
एचआरटीसी एमडी आरएन बत्ता का कहना है कि जुलाई के अंत तक एक्सीडेंट प्रोन, अल्कोहलिक के अलावा हृदय रोग और मिर्गी रोगग्रस्त चालकों का ब्योरा मांगा गया है। इस पर समीक्षा के बाद ही नए सिरे से ड्राइविंग प्रोटोकॉल तय किया जाएगा। जो चालक बसें चलाने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें अन्य काम दिए जाएंगे।