मेकेनिकों ने थामा स्टीयरिंग, टिकट काटते दिखे इंस्पेक्टर
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प्रदेश में निजी बस ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच एचआरटीसी के मेकेनिक बस चलाते तो इंस्पेक्टर टिकट काटते दिखे। हड़ताल से लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए निगम ने दफ्तर के बाबुओं और वर्कशॉप के मेकेनिकों को भी फील्ड में उतार दिया।
सोमवार को निगम के करीब आठ हजार कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। इनमें 7000 चालक-परिचालक और अन्य वर्कशॉप तथा दफ्तरों के कर्मचारी शामिल थे। प्रदेश के बस अड्डों में अस्थायी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए।
मुख्यालय से हर आधे घंटे बाद बसों के बारे में अपडेट लिया गया।
एचआरटीसी की लांग रूटों से आने वाली बसों को अड्डे पर पहुंचने के 10 मिनट बाद लोकल रूटों पर दौड़ाया गया। इन बसों को चलाने के लिए निगम ने अलग से स्टाफ की व्यवस्था की थी।
कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता
लांग रूट की एक बस ने शहरों में कम से कम 3 से 4 चक्कर लगाए। एचआरटीसी के सीजीएम और डीएम ने फील्ड में उतरकर व्यवस्था को संभाला। सीजीएम एचके गुप्ता ने बताया कि वर्कशॉप के मेकेनिक और अन्य कर्मचारियों ने हड़ताल से निपटने को एकजुटता दिखाई है।
मंगलवार को जनता परेशान न हो, निगम व्यवस्था करने में लगा है। निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल से निपटने के लिए एचआरटीसी के कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाई।
एचआरटीसी सर्व कर्मचारी यूनियन के महासचिव खमेंद्र गुप्ता ने बताया कि एचआरटीसी निजी ऑपरेटरों की मनमानी नहीं चलने देंगे। अन्य राज्यों की अपेक्षा हिमाचल में किराया ज्यादा है।