हाईकोर्ट ने हड़ताली 160 कर्मचारियों से मांगा जवाब, नेता के खिलाफ वारंट जारी
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एचआरटीसी की संयुक्त समन्वयन समिति के पदाधिकारियों और निजी तौर पर प्रतिवादी बनाए कुल 160 कर्मचारियों से दो सप्ताह के भीतर अवमानना याचिका पर जवाब तलब किया है।
14 जून को रोक के बावजूद एचआरटीसी कर्मचारियों के हड़ताल करने पर हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया कोर्ट के आदेशों की अवमानना का दोषी पाते हुए इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
कोर्ट ने परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर को जमानती वारंट जारी कर एसपी शिमला को आदेश दिए हैं कि 11 जुलाई को न्यायालय में पेश करें। हाईकोर्ट ने एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक को आदेश दिए थे कि वह उन सभी कर्मचारियों के नाम बताएं जो रोक के बावजूद हड़ताल में शामिल हुए।
हाईकोर्ट ने हड़ताल को लेकर दिए थे ये आदेश
नाम पेश करने के बाद कोर्ट ने कुल 160 एचआरटीसी कर्मचारियों को प्रतिवादी बनाया गया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश कम्यूनिटी इनिशिएटिव ट्रस्ट की दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के बाद पारित किए।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने हड़ताल पर गए एचआरटीसी कर्मचारियों को 14 जून शाम 5 बजे तक अपनी हड़ताल वापस लेने के आदेश देते हुए उन्हें चेतावनी दी है कि यदि वे फिर भी अपनी हड़ताल जारी रखते हैं तो उनके खिलाफ पहले ही की गई कोर्ट की अवमानना को और अधिक उत्तेजक बनाने पर आपराधिक मामले चलाए जाएंगे।
ज्ञात रहे कि प्रदेश हाईकोर्ट ने बीते सोमवार को एक आदेश पारित कर एचआरटीसी कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि कोई भी कानून कर्मचारियों को अपनी मांगें मनवाने के लिए हड़ताल पर जाने की इजाजत नहीं देता। कोर्ट ने सरकार, एचआरटीसी और संयुक्त समन्वयन समिति के पदाधिकारियों को नोटिस जारी किए थे।