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एचआरटीसी का कारनामा, रिटायर को नौकरी, चहेते कंडक्टर बिठाए दफ्तर में
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 13 May 2016 12:00 PM IST
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एचआरटीसी ने सेवानिवृत्त हुए अधिकारी और कर्मचारियों को निगम प्रबंधन ने फिर से नौकरी दे दी है।
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एचआरटीसी ने सेवानिवृत्त हुए अधिकारी और कर्मचारियों को निगम प्रबंधन ने फिर से नौकरी दे दी है। 20 अधिकारी व कर्मचारियों को निगम में पुन: रोजगार दे दिया गया है। यही नहीं निगम ने अपने चहेते परिचालकों को दफ्तर में बिठाकर बाबू का काम दे दिया है।
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निगम प्रबंधन के इस फैसले से संयुक्त समन्वय समिति भड़क गई है। समिति ने चेतावनी दी है कि अगर इन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नहीं हटाया गया तो निगम प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। संयुक्त समन्वय समिति ने दूसरे दिन भी डिपो में आंदोलन जारी रखा।
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एचआरटीसी तकनीकी कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि निगम प्रबंधन कर्मचारियों को न तो पदोन्नत रहा है और न ही रिक्त पदों को भर रहा है। परिचालकों की कमी है। बावजूद इसके प्रबंधन ने चहेतों परिचालकों को दफ्तर में बिठा दिया है, जिससे परिचालकों का काम प्रभावित हो रहा है।
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वर्तमान में सेवाएं दे रहे परिचालकों पर काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि निगम प्रबंधन ने कर्मचारियों की तनख्वाह से जीपीएफ निकाल दिया लेकिन यह पैसा जीपीएफ ट्रस्ट में नहीं डाला। ऐसे में अगर कर्मचारी अपना जीपीएफ निकालना चाहें तो कहां से निकालें।
एचआरटीसी मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि निगम प्रबंधन की कार्यप्रणाली से कर्मचारी नाखुश हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिल रही है। ऊपर से रिटायरियों को नौकरी दी जा रही है। मांगें मानने तक जारी रहेगा आंदोलन।
परिवहन मंत्री ने बुलाई बीओडी
इधर, परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कर्मचारियों की मांगों और निगम के कार्यों के लेखे-जोखे के लिए बीओडी की बैठक बुलाई है। इसमें कर्मचारियों की मांगों पर विचार विमर्श होगा।