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Shimla News: औषधीय पौधों से चांदी के कण तैयार करने पर शोध करेगा एचपीयू
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प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-ऊषा) के तहत परियोजना के लिए मिली है मंजूरी
विवि ने शोध सहायक के लिए आमंत्रित किए आवेदन संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला का जैव विज्ञान विभाग औषधीय पौधों के अर्क से चांदी के सूक्ष्म कण तैयार करने और उनकी जैविक गतिविधियों का मूल्यांकन करने पर शोध करेगा।
प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-ऊषा) के तहत वित्त पोषित इस शोध परियोजना का उद्देश्य पौधों के अर्क से चांदी के सूक्ष्म कण तैयार कर उनके जैविक गुणों का अध्ययन करना है। परियोजना के लिए विश्वविद्यालय ने एक शोध सहायक के पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। परियोजना की अवधि नौ माह होगी। जैव विज्ञान विभाग के डॉ. अमित कुमार इसके मुख्य अन्वेषक हैं। इस पद के लिए संबंधित विषय में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर डिग्री अनिवार्य है। नेट, एमफिल या पीएचडी योग्यता वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। जैविक तकनीकों, शोध विधियों, क्षेत्र सर्वेक्षण, अकादमिक लेखन और सांख्यिकी का ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थियों को वरीयता मिलेगी। योग्य अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 28 अक्तूबर को विश्वविद्यालय के जैव विज्ञान विभाग में होगा। चयनित शोध सहायक को पूरी नौ माह की अवधि के लिए 35 हजार रुपये पारिश्रमिक मिलेगा। यह नियुक्ति अस्थायी आधार पर होगी। संवाद
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विवि ने शोध सहायक के लिए आमंत्रित किए आवेदन संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला का जैव विज्ञान विभाग औषधीय पौधों के अर्क से चांदी के सूक्ष्म कण तैयार करने और उनकी जैविक गतिविधियों का मूल्यांकन करने पर शोध करेगा।
प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-ऊषा) के तहत वित्त पोषित इस शोध परियोजना का उद्देश्य पौधों के अर्क से चांदी के सूक्ष्म कण तैयार कर उनके जैविक गुणों का अध्ययन करना है। परियोजना के लिए विश्वविद्यालय ने एक शोध सहायक के पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। परियोजना की अवधि नौ माह होगी। जैव विज्ञान विभाग के डॉ. अमित कुमार इसके मुख्य अन्वेषक हैं। इस पद के लिए संबंधित विषय में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर डिग्री अनिवार्य है। नेट, एमफिल या पीएचडी योग्यता वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। जैविक तकनीकों, शोध विधियों, क्षेत्र सर्वेक्षण, अकादमिक लेखन और सांख्यिकी का ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थियों को वरीयता मिलेगी। योग्य अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 28 अक्तूबर को विश्वविद्यालय के जैव विज्ञान विभाग में होगा। चयनित शोध सहायक को पूरी नौ माह की अवधि के लिए 35 हजार रुपये पारिश्रमिक मिलेगा। यह नियुक्ति अस्थायी आधार पर होगी। संवाद
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