एचपीसीए ने हिमाचल के 8 सीनियर क्रिकेट खिलाडि़यों पर लगाया दो साल का बैन
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) ने सूबे के 8 सीनियर क्रिकेट खिलाडि़यों पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। ये खिलाड़ी अब प्रदेश समेत पूरे देश की किसी भी एसोसिएशन से क्रिकेट नहीं खेल सकेंगे।
सूबे के ये आठ खिलाड़ी कई सालों से अपने-अपने जिले से जाली जन्मतिथि प्रमाण पत्र दिखाकर एचपीसीए की ओर से क्रिकेट खेल रहे थे। बीसीसीआई के आदेश और लोढ़ा कमेटी के नए नियमों के तहत खिलाडि़यों के पुराने व नए दस्तावेज देखे गए तो सूबे के 8 खिलाडि़यों के पहले और अब के जन्म दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई।
एचपीसीए ने इसकी सूचना तत्काल बीसीसीआई को दी। इस पर आदेश जारी होते ही एचपीसीए ने इन आठ खिलाडि़यों पर दो सालों के लिए पूरे भारत की किसी भी एसोसिएशन से खेलने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
वहीं, एचपीसीए की कार्रवाई से ऐसे खिलाडि़यों में हड़कंप मच गया है, जिन्होंने खेलने के लिए पंजीकरण में फर्जी दस्तावेज जमा कराए हैं। वर्तमान में क्रिकेट से जुड़े नियम कायदे और तमाम प्रावधान ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
इन जिलों के खिलाडि़यों पर लगा प्रतिबंध
एचपीसीए ने जिन आठ खिलाडि़यों पर प्रतिबंध लगाया है उनमें बिलासपुर, मंडी व कुल्लू जिले के दो-दो खिलाड़ी शामिल हैं। एक-एक खिलाड़ी ऊना और चंबा जिला से है। इस संदर्भ में एचपीसीए ने इन खिलाडि़यों को नोटिस भी जारी कर दिए हैं।
बीसीसीआई के आदेशानुसार सूबे के आठ खिलाड़ी जाली जन्म प्रमाण पत्र देने के लिए के मामले में दोषी पाए गए हैं। इन खिलाडि़यों पर दो साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंधित अवधि में यह खिलाड़ी अब देश की किसी भी एसोसिएशन से क्रिकेट नहीं खेल सकते हैं। - युधिष्ठिर कटोच, सचिव एचपीसीए