अब लापरवाही से नहीं जाएगी किसी मरीज की जान!
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हिमाचल प्रदेश के मरीजों के लिए एक अच्छी सूचना है। प्रदेश सरकार सूबे में जल्द ही एक स्वास्थ्य आयोग का गठन करने जा रही है, जिससे न केवल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा, बल्कि मरीजों के प्रति महकमे को भी 100 फीसदी उत्तरदायी बनाया जाएगा। इसके लिए सचिवालय स्तर पर पूरा खाका तैयार हो चुका है।
आयोग के चेयरमैन के नामों पर विचार चल रहा है। भारत सरकार से रिटायर सचिव स्तर के अफसरों को इसका चेयरमैन बनाने की बात की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि राज्य सरकार अगले 15 दिन के भीतर आयोग का विधिवत तौर पर गठन कर देगी।
प्रदेश का बजट पेश करते समय मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने घोषणा की थी कि प्रदेश में स्वास्थ्य आयोग का गठन किया जाएगा। उसी घोषणा के क्रम में सरकार की ओर से स्वास्थ्य आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आयोग के चेयरमैन के नाम पर छह रिटायर आईएएस अफसरों के नामों पर विचार चल रहा है। ये सभी अधिकारी केंद्र सरकार में रह चुके हैं।
स्वास्थ्य की दयनीय हालत को देखकर उठाया कदम
सूत्रों का कहना है कि आयोग के गठन के मामले में प्रदेश सरकार की ओर से काफी हद तक कदम आगे बढ़ाया जा चुका है। आयोग का काम प्रदेश में स्वास्थ्य सिफारिशों को लागू करना है।
इस आयोग के गठन से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक परिवर्तन होने की उम्मीद है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय हालत के चलते भी इस आयोग की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब सरकार ने कदम बढ़ा लिए हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विनीत चौधरी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य आयोग के गठन की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मंजूरी मिलते ही आयोग का विधिवत तौर पर गठन कर दिया जाएगा।