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HP Assembly: चंद्र कुमार बोले- ज्वालाजी-नालागढ़ के गो सदनों की होगी जांच, पशुधन की निगरानी के लिए लगेगी चिप

Tue, 20 Feb 2024 06:53 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 20 Feb 2024 06:53 PM IST
सार

मंगलवार को प्रदेश के कई गो सदनों में व्याप्त अनियमितताओं के मामले पर गरमाए विधानसभा सदन की कार्यवाही के बीच कृषि और पशुपालन मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने यह एलान किया। 

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HP Vidhansabha Chandra Kumar said  Cow sheds of Jwalaji-Nalagarh will be investigated
चंद्र कुमार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकार ज्वालाजी और नालागढ़ स्थित गो सदनों की जांच करवाएगी। पशुधन की निगरानी के लिए अब प्रदेश में टैग की जगह चिप लगाई जाएगी। मंगलवार को प्रदेश के कई गो सदनों में व्याप्त अनियमितताओं के मामले पर गरमाए विधानसभा सदन की कार्यवाही के बीच कृषि और पशुपालन मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने यह एलान किया। कृषि मंत्री की एक टिप्पणी पर विपक्ष के सदस्य भड़क भी उठे। उन्होंने मंत्री के बयान को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए सदन में खूब हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कार्यवाही से मंत्री के शब्द हटाने की बात कहकर विपक्ष को शांत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गो अभयारण्यों में हर सुविधा उपलब्ध करवाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर निजी भूमि पर भी निर्माण किए जाएंगे। गऊ को माता का दर्जा दिया गया है, इसे कांग्रेस सरकार महज कागजों तक ही सीमित नहीं रखेगी।

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सुविधाओं से लैस होंगे गो अभयारण्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रयास करेगी कि प्रदेश में बनने वाले नए गो अभयारण्यों में अच्छी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। निर्माण के लिए अगर सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होगी तो सरकार निजी भूमि लेने का भी प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार गो वंश को खुले में छोड़ने वालों से सख्ती से निपटेगी। इससे पहले कांग्रेस विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने सवाल किया कि ऊंचाई वाले इलाकों में गो सदनों में डाॅक्टर नहीं जाते हैं। विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने कहा कि गो सदनों की हालत खराब है और इसमें सुधार की जरूरत है।
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जमीन की उर्वरता बढ़ाने को बजट में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन
खादों के अधिक प्रयोग से कम हुई जमीन की उर्वरता बढ़ाने के लिए बजट में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दिया गया है। बजट का नारा है ‘चलो गांव की ओर’। बजट का बड़ा भाग ग्रामीण विकास के लिए रखा गया है। केंद्र सरकार हिमाचल से सौतेला व्यवहार कर रही है। जीएसटी आवंटन में कांग्रेस शासित राज्यों से भेदभाव किया जा रहा है। चंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट प्रावधानों के माध्यम से किसान की मासिक आय 25 से 35 हजार रुपये महीना पहुंचाने का प्रयास है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने खेती से दूर हो रहे युवाओं को खेती के प्रति आकर्षित करने के लिए बजट में खास व्यवस्था की है। सरकार किसानों से गोबर खाद खरीद योजना शुरू करने जा रही है। निजी कंपनी के सहयोग से यह योजना लागू होगी। कंपनी किसानों को 5, 10 और 50 किलो के बैग उपलब्ध करवाएगी। कृषि विभाग के फार्म कांट्रेक्ट फार्मिंग के तहत प्राकृतिक खेती के लिए ठेके पर दिए जाएंगे। किसानों से खरीदी खाद सबसे पहले विभाग के फार्म में इस्तेमाल की जाएगी।
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गोसदन के नाम पर एक शेड और दो खुर्लियां : संजय
विधायक संजय रतन ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पूर्व सरकार के कार्यकाल में पांच करोड़ रुपये से एक गो सदन का निर्माण किया गया और वहां पर निर्माण के नाम पर एक शेड और दो खुर्लियां बनाई गईं। उन्होंने कहा कि यहां पर एक हजार पशुओं को रखा गया और तीन माह में ही करीब 900 पशुओं की मौत हो गई। इस गो सदन की उन्होंने जांच की मांग की। विधायक केएल ठाकुर ने भी नालागढ़ हलके में गो सदन की खस्ताहालत का मामला उठाते हुए जांच की मांग उठाई। विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने सुझाव दिया कि सरकार को बद्दी के मलकूमाजरा में बनी गोशाला की तर्ज पर अन्य जगह निर्माण कराना चाहिए। लावारिस पशुओं के कारण हर साल 500 करोड़ रुपये का नुकसान कृषि को हो रहा है। ऐसे में सरकार 100 करोड़ रुपये खर्च कर इसे बचा सकती है।

पता लगाएं कितनी गाएं सड़कों पर : जयराम
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि गोवंश का मामला श्रद्धा से जुड़ा है। उनकी सरकार ने गो संवर्धन बोर्ड का गठन किया था। इस समस्या से निपटने को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। पशु गणना में यह भी पता लगाना चाहिए कितनी गाएं सड़कों पर है।अनुदान मिलने से गो सदन खोलने का बढ़ा प्रचलन : चंद्रकृषि मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ समय से गो सदनों को खोलने का प्रचलन बढ़ गया है। सरकार की ओर से उन्हें अनुदान दिया जाता है, लेकिन सच्चाई यह है कि इन गो सदनों की हालत खराब है। कोई निरीक्षण भी नहीं करता। प्रदेश में मौजूदा समय में 261 गो सदन हैं। इनमें से 198 को अनुदान दिया जा रहा है। 198 में से 13 पशुपालन विभाग और 185 गो सदनों का संचालन गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा प्रदेश सरकार से प्राप्त अनुदान से किया जा रहा है और शेष 63 गो सदनों का संचालन गैरसरकारी संस्थाओं द्वारा बिना किसी अनुदान के अपने स्तर पर किया जा रहा है।

सरकार का प्रयास रहेगा कि गो सदन ऐसे स्थान पर खुलें, जहां बर्फ न गिरती हो और ठंड भी कम पड़ती हो।
हिमाचल में अप्रैल से शुरू होगी पशुओं की गणना कृषि मंत्री ने कहा कि पशुपालन विभाग अप्रैल से प्रदेश में पशुगणना का कार्य शुरू करने जा रहा है। इस बार जो गणना होगी, उसमें पूरी तरह से टैगिंग की जाएगी। पशु धन के मालिक और पूरा ब्योरा उसमें दर्ज होगा।

सदन में भाजपा विधायक और सीपीएस अवस्थी में नोकझोंक
बजट पर चर्चा के दौरान सदन में मंगलवार को मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी और भाजपा विधायक के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बजट पर चर्चा के दौरान सीपीएस अवस्थी ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान मंडी में एयरपोर्ट नहीं बन पाया। इस पर भाजपा विधायक विनोद कुमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए हुए 14 महीने हो गए हैं। भाजपा विधायकों के क्षेत्रों में एक भी विकास का पत्थर नहीं लगा है। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खूब हंगामा 

विधानसभा अध्यक्ष ने कार्य सलाहकार समिति की ली बैठक
 हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मंगलवार को कार्य सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, संजय रत्न और राकेश जम्वाल ने भाग लिया। 

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