आयोग में गड़बड़ियों की जांच शुरू, रिकॉर्ड तलब
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हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग में अनियमितताओं के आरोप में जांच बिठाई गई है। सरकार ने इसका रिकॉर्ड तलब किया है और इस बारे में हुई शिकायत की छानबीन की जा रही है। आरोप यह है कि निजी विश्वविद्यालयों के लिए कोर्स आवंटन में धांधली की गई।
इसके अलावा लॉग बुक गलत तरीके से भरकर सरकारी गाड़ी का भी निजी कार्यों के लिए दुरुपयोग किया गया। हाल ही में शिक्षा सचिव को मिली एक शिकायत के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को पत्र (ईडीएन-ए-केए(4)-2/2018) भेजकर इस मामले की पड़ताल करने को कहा गया है।
इसके बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 10 बिंदुओं पर आयोग के सचिव से जानकारी तलब की है। इसमें रिकॉर्ड मांगा गया है कि आयोग रेगुलेटर की भूमिका निभाने के बजाय निजी विश्वविद्यालयों और संस्थानों के कोर्स में कटौती कर उन्हें दंडित कर रहा है।
नियमानुसार काम कर रहा आयोग : कटोच
पहले निजी विश्वविद्यालय के कुछ कोर्सों में कटौती की गई, बाद में इन्हें स्वीकृति दी गई है। इससे संबंधित रिकॉर्ड भी मांगा गया है। कार्यालय के काम से इतर भी सरकारी गाड़ियों का दुरुपयोग किया गया। इसकी भी लॉग बुक तलब की गई। कई अन्य रिकॉर्ड भी जांचे जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के अध्यक्ष केके कटोच का कहना है कि रिकॉर्ड ले जाने की जानकारी आयोग के सचिव को है, उन्हीं से बात करें। निजी शिक्षण संस्थानों को कोर्स आवंटन और टूर नियमानुसार ही किए जाते रहे हैं। वह नहीं मानते कि इस सारी प्रक्रिया मेें अनियमितताएं हुई हैं। आयोग के सचिव उपलब्ध नहीं हुए।